23 Sep फलीदार सब्जियाँ के पांच प्रमुख रोग तथा उनका समेकित रोग प्रबंधन
Five Major Diseases of Podded Vegetables and their Integrated Disease Management मानव आहार में सब्जियों का विशेष महत्व है। सब्जियों में विटामिन, कार्बोहाड्रेट, प्रोटीन तथा खनिज प्रदार्थ पर्याप्त मात्रा में पाये जाते है जो शरीर को स्वस्थ्य बनाने एवं रोगों से लड़ने में काफी सहायता करती है। फलीदार सब्जियां जैसे सेम, लोबिया इत्यादि, आयरन का एक बड़ा स्रोत है और इसमें कई खनिज तत्व काफी मात्रा में पाए जाते है । यह मांस, पनीर तथा अन्य वसीय खाद्यों के पाचन के दौरान बने अम्लो के निस्प्रभावित करने में सहायक है । इसमें घुलनशील फाइबर कोरोनरी हार्ट रोग को कम करती है एवं फलीदार सब्जियों में कैलोरी कम होने के कारण मोटापा भी कम करने में सहायक होती है । भारत में फलीदार सब्जियों की प्रति व्यक्ति उपलब्धता केवल 37 ग्राम प्रतिदिन है, इसलिए प्रोटीन की आवश्यकता को पूरा करने में 54 ग्राम प्रतिदिन तक इसके उत्पादन में वृद्धि करने की नितांत आवश्यकता है। फलीदार सब्जियों के उत्पादन को बढाने के लिए यह आवश्यक है कि इसकी वैज्ञानिक खेती की जाय एवं इसमें लगने वाले रोग से बचाए जिससे किसान भाई का काफी नूकसान होता है । इस लेख में फलीदार सब्जियों में लगने वाले रोगों के पहचान, रोग के लिए अनुकूल वातावरण एवं उनका समेकित प्रबंधन विस्तार से दिया जा रहा है । 1. आर्द्रपतन रोग के लक्षण:...