03 Jul सोयाबीन की उन्नत खेती : किसानो के लिए वरदान
Improved cultivation of Soybean: Boon for Farmers सोयाबीन खरीफ मौसम की एक प्रमुख फसल है। यह दलहन के बजाय तिलहन की फसल मानी जाती है। क्यूकि तेल के रूप से इसका आर्थिक उद्देश्य सबसे ज्यादा है | सोयाबीन मानव पोषण एवं स्वास्थ्य के लिए एक बहुउपयोगी खाद्य पदार्थ है। सोयाबीन एक महत्वपूर्ण खाद्य स्रोत है। इसके मुख्य घटक प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और वसा होते है। सोयाबीन में 44 प्रतिशत प्रोटीन, 22 प्रतिशत वसा, 21 प्रतिशत कार्बोहाइडेंट, 12 प्रतिशत नमी तथा 5 प्रतिशत भस्म होती है। सोयाबीन की पौष्टिक गुडवत्ता प्रतिशत प्रोटीन 44 वसा 22 कार्बोहाइडेंट 21 तेल 16-18 भस्म 5 छत्तीसगढ़ में मुख्य रूप से सोयाबीन राजनांदगांव, दुर्ग, महासमुंद, बेमेतरा, धमतरी, और कबीरधाम में उगाये जाते है. इस क्षेत्र में फसल पद्धति के रूप में या मुख्य फसल के रूप में भी उगाये जाते है किसान इस उन्नत तकनीक का उपयोग कर अपनी फसल की उत्पादकता बढ़ा सकते है और अपनी वार्षिक आय में वृद्धि कर सकते है जिसका वर्णन नीचे दिया गया है Soybean crop in field सोयाबीन की खेती के लिए भूमि का चुनाव एवं तैयारी सोयाबीन की खेती अधिक हल्की रेतीली व हल्की भूमि को छोड्कर सभी प्रकार की भूमि में सफलतापूर्वक की जा सकती है परन्तु पानी के निकास वाली चिकनी दोमट भूमि सोयाबीन के लिए अधिक उपयुक्त होती है। जहां भी खेत में पानी रूकता हो वहां सोयाबीन ना लें। ग्रीष्म कालीन जुताई 3 वर्ष में...