17 Dec सोयाबीन के 12 प्रमुख कीट व रोग तथा उनका प्रबंधन
12 Major pests and diseases of soybean and their management सोयाबीन विश्व की एक प्रमुख फसल है, यह लगभग विश्व की 25 वानस्पतिक तेल की मांग को पूरा करता है, सोयाबीन अपने उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन (38.45) और वानस्पतिक तेल के लिए जाना जाता है। भारत में भी इसका उपयोग अधिकांशतः वानस्पतिक तेल के लिए ही होता है, मध्यप्रदेश में सोयाबीन खरीफ की एक प्रमुख फसल है। देश में सोयाबीन उत्पादन में मध्यप्रदेश अग्रणी है, परंतु हाल ही के कुछ वर्षों में मध्यप्रदेश में सोयाबीन उत्पादन में मध्यप्रदेश में भारी गिरावट आयी है, जिसके प्रमुख कारणो मे मौसम की विपरीत परिस्थितियां है, जैसे फसल अवधि में अधिक वर्षा होना या बहुत कम वर्षा होना, ये परिस्थितियां कीट एवं रोग को बहुत हद तक बढ़ाती है, नीचे इन्हीं प्रमुख कीट और रोगों के बारे में जानकारी दी जा रही है और उनका प्रबंधन बताया जा रहा है। प्रमुख कीट 1. तना मक्खी (मिलेनोग्रोमाइजा सोजे) क्षति का प्रकार- यह कीट पत्तियो पर अण्डे देता है फिर मैगट के बाहर आने के बाद पत्तियों से रैंगता हुआ तने को भेदता है। सक्रंमित तने में लाल धारिया मैगट और प्यूपा के साथ दिखाई देती है। यह तने से जड़ क्षेत्र तक जाकर पौधा मार देता है। कीट प्रबंधन- नत्रजन उर्वरकों का प्रयोग कम करें। बीज दर अनुमोदित से ज्यादा न रखे। लैम्बडासायहैलोथरीन 4-9 सी...