Postharvest

बागवानी फसलों के शेल्फ जीवन विस्तार के लिए बायोडिग्रेडेबल नैनो फॉर्म्यूलेशन Horticulture crops play important role in economic development of the country and it contributes 30.4 per cent to GDP of agriculture. But the post-harvest loss reduced the quality of commodities, in India the estimated loss ranges from 14-36% in fruits and 10-25% in vegetables. Every year we lost approx 1 lakh crore Rs due to post harvest losses in horticulture crops. Ripened fruits are terribly spoil and prone to transport harm which consequently leads to loss of quality and quantity. This is particularly common in developing countries because of poor post-harvest handling systems, storage facilities and transportation. Various factors responsible for post-harvest losses can be categorized into two major categories. First, pre harvest...

Moringa's Value Added Products to Increase Agricultural Income  वर्तमान फसल पद्धतियों एवं जलवायु की दशाओं को ध्यान में रखते हुए किसानों की आय मे वृद्धि कृषि वैज्ञानिकों के लिए एक बड़ी समस्या है। इसके लिए परंपरागत फसलों एवं बहुमूल्य औषधीय पौधों की खेती की ओर काफी ध्यान दिया जा रहा है। इस प्रकार की फसलें अल्प लागत में अधिक लाभ देकर स्थायी विकास को प्रोत्साहित करती हैं तथा अन्य सह फसलों के उत्पादन में होने वाले जोखिम को भी कम करती हैं। मोरिंगा यानि सहजन (मोरिंगा ओलीफेरा) एकवंशीय, मोरिंगेसी कुल का पौधा है जिसके सभी भागों को पोषण सम्पन्न माना जाता है। इसकी पत्तियों एवं फलियों में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, विटामिन, खनिज...

फसल अवशेष जलाना: कारण, प्रभाव और प्रबंधन Crop Residue Burning (CRB) or Burning of agricultural biomass residue has been identified as a major health hazard. Burning crop residue causes remarkable pollution problems in the atmosphere and huge nutritional loss and physical health deterioration to the soil. The burning of one tonne of paddy straw releases 3 kg particulate matter 60 kg CO, 2 kg SO2 and 199 kg ash. These gases affect human health due to general degradation in air quality resulting in aggravation of eye and skin diseases, and very fine particles can also causes chronic heart and lung diseases. The composition of nutrients in crop residue is highly rich, like one...

Value added products of Mango विश्व के कुल आम उत्पादन में भारत का योगदान लगभग 44.5 प्रतिशत है। आम उत्पादन में भारत का प्रथम स्थान है तथा कुल फल उत्पादन का दुसरा स्थान है। आम के फल अपनी वृध्दि एवं विकास की हर अवस्था में उपयोगी है। आम स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिकता से भरपूर होता है। आम को कच्चा या पका दोनों तरह से उपयोग करते हैं। जहाँ कच्चे आम में विटामिन 'सी' प्रचुर मात्रा में होता है वही पके आम में (कैरोटिनॉयडस) का बहुत अच्छा सा्रोत है। आम कैल्शियम, फॉस्फोरस, लोहा आदि खनिज लवणों का अच्छा सा्रेत है। कच्चे और पके आम में प्रोटीन, वसा, काबोहाइड्रेट, नमी, खनिज लवण, कैल्शियम, लोहा,...

Production Technique of Paddy’s Value-Added Product Puffed Rice (Murmura / Murra) धान (ओराइजा सताइवा एल) सबसे महत्वपूर्ण खाद्य  प्रधान फसलों में से एक है जो दुनिया के कई हिस्सों में पोषक तत्वों का एक प्रमुख स्रोत है धान दूसरी सबसे बड़ी अनाज की फसल है यह घास परिवार (ग्रैमिनेसी) का सदस्य है, जो स्टार्चयुक्त बीज का उत्पादन करता है। चावल इन्सान की दैनिक भोजन में अपनी कुल कलोरी का ६०-७०% और प्रोटीन का एक तिहाई हिस्से की पूर्ति करने में योगदान करता है, चावल हमारे दैनिक भोजन में न केवल आहार के रूप में लिया जाया है बल्कि इसके अलवा चावल का प्रयोग नाश्ते के रूप में खाद्य पदार्थो में जैसे की मुर्रा,...

 Cryopreservation – long term conservation of plant genetic resources दुनिया भर में लगभग 3,00,000 उच्च पौधों की प्रजातियां  हैं, लेकिन इनमें से सैंकड़ों फसलें खतरनाक दर से विलुप्त होती जा रही हैं । इंटरनेशनल यूनियन फॉर कन्ज़र्वेशन ऑफ़ नेचर (आई यू सी एन) ने 3,078 पौधों की क़िस्मों को गंभीर रूप से संकटग्रस्त और 4,861 को लुप्तप्राय में सूचीबद्ध किया है और इनकी संख्या हर साल बढ़ती जा रही है। मानव जाति द्वारा उपयोग किए जाने वाले पौधों की बात करें, तो लगभग 30,000 खाद्य पौधों की प्रजातियों की पहचान की गई है, जिनमें से 7,000 से अधिक पौधों की प्रजातियों का उपयोग मानवता के इतिहास में खाद्य जरूरतों  को पूरा करने...

 Post Harvest Management  Value Addition and Uses of Medicinal Plants 1. ऑंवला ऑंवला युफोरबिएसी परिवार का पौधा हैं । यह भारतीय मूल का एक महत्पूर्ण फल है । महर्षि चरक ने इस फल को जीवन दात्री अथवा अमृतफल के समान लाभकारी माना है।  प्रति इकाई उच्च उत्पादकता 15-20 टन/हे विभिन्न प्रकार की भूमि ऊसर, बीहड़, शुष्क, अर्धशुष्क हेतु उपयुक्ता, एवं पोषक तत्वों जैसे विटामिन, खनिज, फिनॉल, टेनिन गुणों से भरपूर तथा विभिन्न रूपों में उपयोग के कारण ऑंवलो 21 वी सदी का प्रमुख फल है।  बनारसी कम फलत देने वाली, फ्रांसिस एवं नरेन्द्र ऑंवलो-6 औसत फलत देने वाली, कंचन एवं नरेन्द्र ऑंवलो-7 अत्यधिक फलत देने वाली किस्में हैं। औषधीय उपयोग -   एक चम्मच ऑंवले के रस...

Nutritious preservation and processing in tomatoes टमाटर एक सब्जी की फसल है। यह आमतौर पर ताजे रूप में या कई पकाए गए व्यंजनों में एक घटक के रूप में उपयोग किया जाता है। ताजा टमाटर सलाद और सब्जी के रूप में भी प्रयोग किया जाता है। जो आर्थिक मूल्य के अलावा, मानव पोषण के लिए अच्छा है क्योंकि यह विटामिन सी, ए, के और  पोटेशियम और लाइकोपीन और कैरोटीन जैसे कैरोटीनॉइड का स्रोत है जो एंटीऑक्सिडेंट के रूप में कार्य करते हैं। भारत  में अधिकांशतय फसल काटने के बाद फसल उपरांत अज्ञानता के कारन प्रसंस्करण की तकनीकों को नहीं अपनाया जाता है। जिस वजह से 15-25  प्रतिशत उत्पादित टमाटर खेत में ही...