07 Jan Boro paddy is an option in water logging area during Rabi season
रबी मौसम में जलजमाव वाले क्षेत्रों में बोरो धान एक विकल्प धान भोजन का एक प्रमुख फसल के साथ.साथ कार्बोहाड्रेट का मुख्य श्रोन्न है जिससे मनुष्य अपने भोजन का अधिकांश भाग पूरा करता है। धान की खेती मुख्यतः खरीफ मौसम में की जाती है परन्तु इस मौसम में कीट-पतंग, बीमारीयों तथा मौसमी खरपतवार का प्रकोप होने के कारण फसल की वांछित उपज प्राप्त नहीं होती है। इसके बिपरीत रबी मौसम की बोरो धान में लगने बाली कीट-पतंग, बीमारियाँ तथा मौसमी खरपतवार कम लगने के साथ-साथ सूर्य की अबधि खरीफ मौसम की तुलना में प्रति इकाई अधिक होती है। परिणमतः प्रति पौधों में किलों की संख्या अधिक होती है जिसके कारण प्रति वर्गमीटर में उपजषील किल्लें बढ जाती है जिससे रबी मौसम की बोरो धान की उपज अधिक होती है। रबी मौसम की बोरो धान की खेती मुख्यतः बंगाल, उतरी बिहार, उङीशा इत्यादि प्रदेशों में की जाती है। जहाँ साल भर जलजमाव रहने के साथ-साथ वह क्षेन्न हमेशा बेकार पडे रहते हैं उस जलजमाव वाले भूमि पर किसान दूसरे किसी रबी फसल की खेती नहीं कर पाते हैं वैसे में किसान उस भूमि पर समुचित शस्य प्रबंधन कर रबी मौसम की बोरो धान की खेती एक विकल्प के रूप में कर अच्छी उपज प्राप्त की जा सकती है। भूमि का चयन एवं खेतों की तैयारीः...