27 Nov प्रमुख फसलों की जल अवश्यकता तथा उनकी क्रांतिक अवस्थाएं
Water requirements of major crops and their critical states फसलों से अधिक व अच्छी पैदावर लेने के लिये उनकी सिंचाई के लिये विभिन्न क्रांतिक अवस्थाओं पर मृदा में पर्याप्त मात्रा में नमी का होना अति आवश्यक है। फसलो में क्रांतिक अवस्थाए वे अवस्थाएं कहलाती है, जिन पर फसलों में सिंचाई करने या न करने से पैदावार में प्रभाव पडता है अर्थात सिंचाई करने से पैदावार में आशातीत बढोतरी होती है और इन क्रांतिक अवस्थाओं पर फसलो में सिंचाई न करने से पैदावर में कमी आती है। इसके साथ साथ फसलों में उचित समय पर सिंचाई न करने से भी पौधों की उचित वृद्धि नहीं हो पाती जिसका पैदावार पर प्रतिकुल प्रभाव पड्ता है। इस प्रकार फसलों से अधिक पैदावार लेने के लिए यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि फसलों को सही समय पर सिंचाई उपलब्ध हो तथा प्रत्येक सिंचाई में उचित मात्रा में पानी का प्रयोग किया जाना चाहिये। विभिन्न फसलों की सिचाई के लिये क्रांतिक अवस्थाएं गेहूँ – गेहूँ की बौनी जातियो में कुल 5-6 सिंचाई की जरुरत होती है। पहली सिंचाई, क्राउन जड़ें निकलते समय, दुसरी सिंचाई कल्ले निकलते समय, तीसरी सिंचाई गांठ बनते समय, चौथी सिंचाई फूल निकलते समय, पाँचवी सिंचाई दानों में दूध पडने की अवस्था में करनी चाहिए बलुई भूमि में एक और सिंचाई की जरुरत पड सकती...