24 Oct गिनी घास से हरा चारा उत्पादन
Green fodder production with guinea grass बहुवर्षीय हरे चारे के लिए गिनी घास का महत्वपूर्ण योगदान है| गिनी घास (Panicum maximum Jacq.) का जन्म स्थान गिनी, अफ्रीका को बताया जाता है| ये बहुत ही तेजी से बढने वाली और पशुओ के लिए एक स्वादिस्ट घास है| इससे वर्ष मैं 6-8 कटाई तक कर सकते है| भारत में यह घास 1793 में आई| इसमें 10-12 प्रतिशत क्रूड प्रोटीन, रेशा 28-36 प्रतिशत, NDF 74-75 प्रतिशत , पत्तो की पाचन क्षमता 55-58 %, लिगनिन 3.2-3.6 प्रतिशत होती है| गिनी घास के लिए जलवायु गिनी घास गर्म मौसम की फसल है घास के लिए उपयुक्त तापमान, 31 डिग्री सेंटीग्रेड चाहिए और 15 डिग्री सेंटीग्रेड के नीचे इसकी बढवार कम हो जाती है| यह 38 डिग्री सेंटीग्रेड तक बहुत अच्छी तरह से बढवार करती है| यह घास छाया को बहुत हद तक सहन कर सकती है इसलिए पेडो के बीच में बहुत अच्छी तरह से हो जाती है यह 60 प्रतिशत तक छाया सहन कर सकती है | जिन क्षेत्रो में नमी 70 प्रतिशत तक होती है, वो क्षेत्र गिनी के लिए अनुकूल होते है | गिनी घास के लिए भूमि और भूमि की तैयारी हलके विन्यास वाली भूमि इसके लिए उचित होती है, जैसे के बलुई दोमट भूमि| उ़चित जल निकास वाली उपजाऊ भूमि अधिक उत्पादन के लिए उपयुक्त होती है|...