14 Jan Methods of organic farming of potatoes.
आलू की जैविक खेती की विधि आलू अपने अंदर बिभिन्न प्रकार का विटामिन्स, मिनिरल्स एवं एंटी ओक्सिडेंट को समाये हुए एक संपूर्ण आहार है| आलू की फसल हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब और बिहार आदि राज्यों की आर्थिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान रखती है, क्योंकि यहां की जलवायु आलू उत्पादन के लिए अनुकूल है। आलू की अनुमोदित किस्में कुफरी-चंद्रमुखी, कुफरी-ज्योत, कुफरी-अशोका, कुफरी-पुखराज, कुफरी-लालिमा, कुफरी-अरुण, कुफरी-चिप्सोना, राजेंद्र आलू आदि प्रमुख किस्में है| आलू की फसल के लिए भूमि आलू की फसल के लिए अच्छे निकास वाली, उपजाऊ दोमट मिट्टी सबसे उत्तम है। यद्यपि अच्छे प्रबंध द्वारा इसे विभिन्न प्रकार की भूमियों में भी उगाया जा सकता है। इस फसल के लिए मिट्टी का पी एच मान 6-7.5 तक उपर्युक्त होता है| एक गहरी जुताई मिट्टी पलटने वाले हल से और 2-3 जुताईयां देसी हल से करनी चाहिए ताकि आलू की फसल के लिए अच्छे खेत बन सके। खेत में पर्याप्त नमी होनी चाहिए। खेत समतल होना चाहिए ताकि जल निकासी सही हो सके। आलू की फसल में खाद एवं उर्बरक आलू की फसल के लिए 20-25 टन सड़ी हुई गोबर कि खाद का प्रयोग करें| 10 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर कि दर से ट्राईकोडर्मा गोबर कि खाद में मिला कर खेत में प्रयोग करें| खड़ी फसल में मिट्टी चढाने के समय वर्मी कम्पोस्ट डालने से फसल एवं उपज अच्छी प्राप्त होती है| बीज की तैयारी बिजाई के लिए अच्छे...