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सुगंधित एवं औषधीय पौधों की खेती और किसानों को इसके लाभ Growing medicinal and aromatic plants is a good diversification option for the farmers. These plants and their products not only serve as a valuable source of income for the farmers and entrepreneurs but also earn valuable foreign exchange through exports. Therefore, it is necessary to collect, conserve and evaluate aromatic plants to develop potential agricultural technologies for medicinal plants cultivation. सुगंधित एवं औषधीय पौधों की खेती और किसानों को इसके लाभ सुगंधित एवं औषधीय पौधे, पौधों का एक समूह है जो सुगंधित पदार्थों का उत्पादन और उत्सर्जन करता है तथा इसका उपयोग औषधीय रूप में किया जाता है ।  पौधों में सुगंध विभिन्न प्रकार के जटिल रासायनिक यौगिकों के कारण होता है अर्थात जिन पौधो का उपयोग फार्मेसी और परफ्यूमरी में किया जाता है, उन्हें आमतौर पर सुगंधित पौधों के रूप में परिभाषित किया जाता है। सुगंधित पोधै आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण होते है जो दवाओं, इत्र, स्वाद और सौंदर्य प्रसाधनों के लिए बुनियादी कच्चा माल प्रदान करते हैं। सुगंधित पौधों में सुगंधित यौगिक,  मूल रूप से ऐसे आवश्यक तेल जो कमरे के तापमान पर अस्थिर हो,  होते हैं। ये आवश्यक तेल गंधयुक्त, वाष्पशील, हाइड्रोफोबिक और अत्यधिक केंद्रित यौगिक हैं। उन्हें फूल, कलियों, बीजों, पत्तियों, टहनियों, छाल, लकड़ी, फलों और जड़ों से प्राप्त किया जा सकता...

अश्वगंधा उगायें और अधि‍क लाभ पाऐं भारत में अश्वगंधा अथवा असगंध जिसका वानस्पतिक नाम वीथानीयां सोमनीफेरा है, यह एक महत्वपूर्ण औषधीय फसल के साथ-साथ नकदी फसल भी है। अश्वगंधा आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में प्रयोग किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण पौधा है। सभी ग्रथों में अश्वगंधा के महत्ता के वर्णन को दर्शाया गया है। इसकी ताजा पत्तियों तथा जड़ों में घोंड़े की मूत्र की गंध आने के कारण ही इसका नाम अश्वगंधा पड़ा। आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में अश्वगंधा की माँग इसके अधिक गुणकारी होने के कारण बढ़ती जा रही है। अश्वगंधा एक औषधि है। इसे बलवर्धक, स्फूर्तिदायक, स्मरणशक्ति वर्धक, तनाव रोधी, कैंसररोधी माना जाता है। इसकी जड़, पत्ती, फल और बीज औषधि के रूप में उपयोग किया जाता है। यह पौधा ठंडे प्रदेशो को छोड़कर अन्य सभी भागों में पाया जाता है।  संस्कृत नाम: अष्वगंधा (Ashwagandha), हिन्दी नाम :  असगंध (Asgandh), अंग्रेजी : विन्टरचेरी (Winter Cherry), इंडियन गिनसेंग (Indian ginseng)  अश्‍वगंधा उगाने के लि‍ए उपयुक्त जलवायु यह पछेती खरीफ फसल है। यह उष्णकटिबंधी और समशीतोष्ण जलवायु की फसल है। अशवगंधा को शुष्क मौसम की आवश्यकता होती है। बारिश के महीने के अंतिम दिनों में इसे बोया जाता है। फसल के विकास के लिए शुष्क मौसम अच्छा रहताहै। जिन स्थान में वर्षा 660-750 मिमी की होती है वे स्थान फसल के विकास के लिए उपयुक्त होते है।  वार्षिक वर्षा...