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nutrient deficiency in plants Tag

पौधों की स्वस्थ वृद्धि के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जानें नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, जिंक, आयरन, बोरॉन और अन्य पोषक तत्वों के कार्य तथा उनकी कमी के प्रमुख लक्षण।...

Plant nutrient deficiency symptoms and control पौधे की बढवार एवं विकास के लिये सभी पोषक तत्‍व महत्‍वपूर्ण होते है,  जिनकी कमी को किसी अन्‍य तत्‍वों द्वारा पूरा नहीं किया जा सकता है। पौधों में पोषक तत्‍वों की कमी से जो रोग होते है उन्‍हें असंक्रमित रोगो की श्रेणी में रखा गया है। यह रोग कई कारणों से उत्‍पन्‍न हो सकते है जैसे: पर्यावरणीय बदलाव, मिटटी की संरचना एवं स्थिति आदि अत: इन्‍हे फिजियोलाजिकल डिसआर्डर कहा जाता है। पोषक तत्‍वों की कमी के लक्ष्‍ण एवं उनका निदान निम्‍नलिखित प्रकार से किया जा सकता है। 1.  आलू का ब्‍लेक हर्ट- लक्ष्‍ण - * यह बि‍मारी तभी होती है जब आलू का भंडारण किसी ऐसे कमरे या जगह पर किया गया हो जहां संपूर्ण प्रकाश या वायु की उचित व्‍यवस्‍था न हो। भंडार कक्ष पूरी तरह से बंद हो। * खेत में यह बिमारी तभी आती है जब मिटटी का तापमान 32 डिग्री सेलसियस से अधिक हो। आलू के कंद की बढवार एवं परिपक्‍वता के समय मिटटी का तापमान 32 डिग्री सेलसियस से अधिक हो। * टयूबर का केन्द्रिय उत्‍तक गहरा नीला या बैगनी रंग का हो जाता है। * शुरूवाती अवस्‍था में संक्रमित भाग पूरी तरह सुखकर अलग हो जाता है और कैविटी नूमा संरचना बना लेता है। निदान - * आलू के कंद का भंडारण 33 डिग्री सेलसियस से अधिक तापमान...