24 Mar पैडी ट्रांसप्लांटर द्वारा धान रोपाई की कार्य प्रणाली
Procedure of rice transplanting through paddy transplanting machine मशीन से धान की रोपाई के लिए खेत की उथली मताई (Puddling) करना आवश्यक है। जिससे चटाईनुमा पौध की सुचारू रूप से रोपाई की जा सके। इस विधि से पौध की जड़े आसानी से मिट्टी को पकड़ लेती है तथा उनकी वृद्धि भी अच्छी होती है। मताई की कार्य विधि खेत की पडलिंग (मताई) करने के लिए भुरभुरा होने वाली नमी की अवस्था में बखर या मिट्टी पलट हल से अच्छी तरह जोतना चाहिये। जुताई करने के बाद खेत को समतल करना चाहिये व साथ - साथ खेत के चारो तरफ मेड़ भी बनाई जाए, उसके बाद खेत को पानी से भरकर उसमें कम से कम 50 मि.मी. (2 इंच) पानी का स्तर 24 घंटे तक बनाए रखना चाहिए। तत्पश्चात् पडलर का प्रयोग करें और इसको एक बार आड़े में एवं एक बार तिरछे में अच्छी तरह चलाएं, जिससे मिट्टी व पानी अच्छी तरह से मिल जाए। यह ध्यान रखे कि उथली मताई के लिये 50 - 100 मि.मी. (2 से 4 इंच) से अधिक गहराई तक मताई न करें। खेत मताई का क्रमवार तरीका मिट्टी में हल्की नमी होने पर जुताई 75- 100 मि.मी. (2.5 से 4 इंच) गहराई तक करें। खेत को समतल करें तथा खेत केचारों तरफ मेढ़ बनाए। खेत में 24 - 36 घंटे तक पानी...