04 Mar Production of mung bean in zaid
जायद में मूंग का उत्पादन दलहनी फसलों में मूंग की बहुमुखी भूमिका है। इससे पौष्टिक तत्व प्रोटीन पर्याप्त होने के कारण स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है। मूंग के दानों में 25 प्रतिशत प्रोटीन, 60 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट, 13 प्रशित वसा तथा अल्प मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है। इसमें वसा की मात्रा कम होती है और इसमें विटमिन बी कम्पलेक्स, कैल्शियम, खाद्य रेशा एवं पोटेशियम भरपूर होता है। मूंग की दाल से दही बडे, हल्वा, लड्डू, खिचड़ी, नमकीन, चीला, पकोडे़ आदि बनाये जाते हैं। बीमार होने पर डाॅक्टर मूंग की खिचड़ी या मूंग की दाल खाने का परामर्श देते हैं क्योकि यह जल्दी पच जाती है। फली तोड़ने के बाद फसलों को भूमि में पलट देने से यह हरी खाद की पूर्ति भी करता है। उत्तर देश के एटा, अलीगढ़, देवरिया, इटावा, फरूखाबाद, मथुरा, ललितपुर, कानपुर देहात, हरदोई एवं गाजीपुर जनपद प्रमुख मूंग उत्पादन के रूप में उभरें है। जिला ललितपुर में वर्ष 2017 के अनुसार मूंग का कुल आच्छादन क्षेत्रफल 4988 हे0, उत्पादन 1890 मे0 टन तथा उत्पादकता 3.79 कु0/हे0 था (कृषि विभाग, ललितपुर के कृषि उत्पादन कार्यक्रम खरीफ 2018-19 के अनुसार)। इसकी महत्ता को देखते हुए ही भारत सरकार ने रु0 7050.0 प्रति कु0 न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया है। किसान मूंग की उन्नत कृषि क्रियाएं अपनाकर उत्पादकता को बढ़ा सकता...