18 Oct ईख में समेकित कीट प्रबंधन
Integrated Insect Pest Management of Sugarcane गन्नेे में समेकित कीट प्रबंधन की विभिन्न क्रियाआ द्वारा फसल की उत्पादकता एवं गुणवता में वृद्वि करने के लिए किसानों को निम्नलिखित बिन्दुओं खेतों में सुनियोजित ढंग से अपनाने की जररुत है। गन्ना को रोपने से कटनी तक साप्ताहिक निगरानी कर छिद्रक कीट एवं उनके मित्रों के बारे में जानकारी रखना। छिद्रक कीटों को नष्ट करने के लिए उन्हीं तकनीकों को अपनायें जिनसे वातावरण प्रदूषित न हो उर्वरकों तथा रसायनों की संस्तुति मात्रा का उचित समय पर प्रयोग। उपयुक्त प्रजाति तथा कीट मुक्त गन्ना का चयन। खेत की गर्मियों में गहरी जुताई करके खुला छोड़ना तथा खरपतवार मुक्त रखना। गन्ना के कीटों की पहचान, जीवन चक्र, आपात का समय एवं लक्षण की जानकारी के लिए साप्ताहिक अन्तराल पर निरीक्षण। अन्य शस्य क्रियाओं का स-समय प्रयोग। उचित फसल-चक्र अपनाना। समय पर रोपाई, अनुशंसित दूरी एवं उचित समय पर सिंचाई करना। मित्र कीटों (परजीवों/परभक्षी) का संरक्षण और उनकी संख्या को बढ़ाना। खेत में फेरोमोन ट्रेप एवं प्रकाश पास लगाकर नर पतंगों को एकत्रित कर नष्ट करना। जैविक एवं वानस्पतिक कीटनाशों के प्रयोग को प्रोत्साहन। फसल का आर्थिक नुकसान होने की आशंका में मान्यता प्राप्त रसायनों की अनुशंसित मात्रा का प्रयोग। समेकित प्रबन्धन की विधियाँ: 1. किस्म प्रबन्धन - गन्ना की कीट अवरोधी किस्मों का उपयोग समेकित प्रबन्धन हेतु किया जाता है। इस प्रबन्धन में प्रमुख हानिकारक कीटों को सहन करने वाली किस्मों...