31 Mar टमाटर में संकर बीज उत्पादन तकनीक
Hybrid seed production technique of Tomato बीज में शुद्धता का होना, बीजोत्पादन की प्रथम सीढी है। जो कि पर परागण तथा अन्य बाह्रय पदार्थों के मिलने से प्रभावित होती है। शुद्ध बीज की गुणवता भी अच्छी होती है। अत: बीजोत्पादन के लिए आनुवांशिक एवं बा्रहय पदार्थो के मिश्रण संबंधी शुद्वता हेतु निम्न बिन्दुओं को अपनाना परम आवश्यक है। पृथक्करण दूरी एक ही फसल की दो किस्मों में पर परागण द्वारा होने वाली अशुद्वता तथा स्व परागित फसलों मे कटाई के दौरान बाह्रय पदार्थों के अपमिश्रण से होने वाली अशुद्वता को रोकने के लिए एक ही कुल की दो फसलो या एक ही फसल की दो किस्मों के मध्य रखी जाने वाली आपसी दूरी को पृथक्करण दूरी या विलगन कहते हैं। रोगिंग फसल में फूल आने से पूर्व की अवस्था में फसल के अतिरिक्त उगने वाले अवांछित या रोगग्रस्त पौधों को खेत से निकालना रोगिंग कहलाता है। जिससे बीज की गुणवता का निर्धारित स्तर बना रह सके इस हेतु फसलवार एवं उसकी अवस्थावार खेत का समय-समय पर निरिक्षण भी करना चाहिए। प्रक्षेत्र मानक न्यू सीड पॉलिसी ऑफ इण्डिया (1988) के अनुसार निम्न मानक टमाटर के लिए लिये गये है। टमाटर बीज के लिए खेत मानक खेत मानक प्रथक्करण दूरी मीटर अवांछनीय पौधे (प्रतिशत) बीज से उत्पन्न बीमारी द्वारा ग्रसित(प्रतिशत) आधारीय बीज 50 मीटर 010 010 प्रमाणित बीज 25 मीटर 020 050 टमाटर के लिये बीज मानक बीज मानक आधारिय बीज प्रमाणित बीज शुद्व बीज न्युनतम (प्रतिशत) 28 28 अशुद्व...