23 Sep गन्ने की फसल में सस्य प्रबंधन
Agronomy Management in Sugarcane Crop डॉ. ललिता राणा गन्ना भारत में महŸवपूर्ण औद्योगिक फसलों में से एक है। गन्ना भारतीय कृषि अर्थव्यवस्था में महŸवपूर्ण योगदान देती है। गन्ना उत्पादित करने वाले क्षेत्रों में गामीण अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से गन्ने की फसल एवं चीनी या संबद्ध उद्योग से जुड़ी हुई है। देश की बढ़ती जनसंख्या के फलस्वरूप सन् 2030 तक शर्करा पदार्थों की प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष आवश्यकता 35 किग्रा0 तक पहंुॅंच जाने का अनुमान है जिसमें 20 किग्रा0 चीनी व 15 किग्रा0 गुड़ एवं खण्डसारी सम्मिलित है। अतः इनकी पूर्ति के लिए अधिकतम गन्ना उत्पादन तथा चीनी परता प्राप्त करने की महती आवश्यकता है। गन्ना के लिए उपयुक्त मौसम गन्ना एक उष्णकटिबन्धीय पौधा है। लगभग 28-320 से0 तापमान पर गन्ने की वृद्धि अच्छी होती है। खेत की तैयारी- गन्ने की खेती के लिए लगभग 2-3 बार गहरी जुताई करनी चाहिए। उसके बाद 1 से 2 बार पाटा लगाना चाहिए। बुआई का समय - गन्ना की फसल लगभग 10 से 18 महीने की होती है। बुआई का समय मौसम के द्वारा निर्धारित होता है। उपोष्णकटिबन्धीय क्षेत्रों मंे गन्ने की बुआई का समय शरदकाल (अक्टूबर), बसन्त काल, (फरवरी-मार्च) एवं ग्रीष्म काल (अप्रैल से मई) में होता है। बीज दर - बीज दर लगभग 50-60 क्विंटल प्रति हेक्टेयर होता है। बीज उपचार - बुआई से पहले गन्ने के टुकड़ों को कार्बेन्डाजिम या बाविस्टीन...