Animal husbandry

Suggestion for Selecting Dairy Plant यदि नये स्थान पर किसी डेरी प्लांट को स्थापित करना हो तो संयंत्रों का चुनाव तथा उनको स्थापित करने के लिए भवन निर्माण संबंधी आवश्यकताओं की जानकारी होना आवश्यक है। अधिकांश रूप से संयंत्रों का माप और उन्हें स्थापित करने के लिए आवश्यक सूचनाएँ निर्माताओं से ही मिल पाती हैं। इसके साथ ही किस प्रकार का फर्श हो और कितने रोशनदान होने चाहिए आदि जैसी सूचनाएँ भी बड़ी आसानी से प्राप्त हो जाती हैं। फिर भी किस कम्पनी से सयन्त्र मंगाए जायें और उनकी कितनी क्षमता होनी चाहिए, इन बातों का निर्णय तो डेरी इंजीनियर तथा विभागीय विशेषज्ञ ही ले सकते हैं। मोटे रूप से निम्नांकित...

Relation of Internal characters with external appearance of cattle भारतीय कृषि में आधुनीकिकरण के बाबजूद पशुओं का विशेष स्थान हैं। दैनिक कृषि कार्य या दुग्ध उद्योग में पशुधन कृषक की सम्पदा हैं। पालतू जानवरों के शरीर की बाहरी रचना का आंतरिक क्रियाओं से विशेष सम्बन्ध होता है जिसे जानना कृषक बन्धुओं के लिए अति महत्व पूर्ण है। निम्नलिखित बिन्दु इस ओर प्रकाश ड़ालते हैं - चुस्त शरीर बड़ी-बड़ी चमकीली आखें, चौकन्ने कान, पशु का स्वस्थ होना प्रदर्शित करते हैं।पशु के शरीर की सामान्य बनावट औसत कद, मुलायम त्वचा, सुविकसित अंग तथा अच्छा स्वास्थ्य पशु को अच्छा उत्पादक तथा अधिक कार्य करने वाला प्रदर्शित करते हैं।बड़े-बड़े खुले नथुने पशु के श्वसन तन्त्र का सुविकसित...

पशुधन की 8 आम बीमारियॉं तथा उनके उपचार की वि‍धि‍ 1.  Anthrax disease of cattles: Anthrax, a highly infectious and fatal disease of cattles, is caused by a relatively large spore-forming rectangular shaped bacterium called Bacillus anthracis. Anthrax occurs on all the continents, causes acute mortality in ruminants. The bacteria produce extremely potent toxins which are responsible for the ill effects, causing a high mortality rate. The bacteria produce spores on contact with oxygen. Signs of the illness usually appear 3 to 7 days after the spores are swallowed or inhaled. Once signs begin in animals, they usually die within two days. Hoofed animals, such as deer, cattle, goats, and sheep, are the main...

Protecting Honeybees from insecticides, enemies of bees and their management. किसान भाई अपनी फसलों में कीट नियन्त्रण के लिए कई प्रकार की कीटनाशकों का छिड़काव या भुरकाव करते हैं। इन कीटनाशकों से मधुमक्खियों को बहुत हानि हो जाती है। जब फसल पर फूल आ रहे हों तब दवाई छिड़की जाए तो सबसे अधिक हानि होती है क्योंकि उस समय मधुमक्खियां फूलों से पराग व मकरन्द लेने जाती हैं व वहां छिड़के हुए कीटनाशकों के सम्पर्क में आती हैं। इसके अतिरिक्त जहर से प्रभावित पराग व मकरन्द जो छत्ते में लाती हैं इससे भी उनके बच्चों व मक्खियों को हानि होती है। किसानों को यह अवश्य जान लेना चाहिए कि शत्रु कीट की...

Bhadwari Buffalo Keeping for more ghee production भारतीय डेरी ब्यवसाय मे घी का स्थान सर्वोंपरि है। देश में उत्पादित दूध की सर्वाधिक मात्रा घी में परिवर्तित की जाती है। हमारे देश में भैसो की बारह प्रमुख नस्ले है। भदावरी उनमे से एक महत्वपूर्ण नस्ल है जो उत्तर प्रदेश तथा मघ्य प्रदेश के भदावर क्षेत्र में यमुना तथा चम्बल नदी के आस पास के क्षेत्रो में पायी जाती है। यह नस्ल दूध में अत्याधिक वसा प्रतिशत के लिए प्रसिद्ध हैं। भदावरी भैंस के दूध में औसतन 8.0 प्रतिशत वसा पायी जाती है जो अलग अलग भैसों में 6 से 14 प्रतिशत तक हो सकती है। गांवों में यह कहावत है कि इस...