Agriculture Knowledge for Everyone

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Effects and control of Parthenium grass  प्रकृति में अत्यंत महत्त्व पूर्ण वनस्पतियों के अलावा कुछ वनस्पतियाँ ऐसी भी हैं, जो कि धीरे-धीरे एक अभिशाप का रूप लेती जा रही हैं बरसात का मौसम शुरू होते ही गाजर के तरह की पत्तियों वाली एक वनस्पति काफी तेजी से बढ़ने और फैलने लगती है। जिसे पार्थेनियम हिस्टेरोफोरोस यानी कोंग्रस ग्रास या गाजर घास क नाम से जाना जाता है । यह  Asteraceae कुल का सदस्य है। यह वर्तमान में विश्व के सात सर्वाधिक हानिकारक पौधों में से एक है तथा इसे मानव एवं पालतू जानवरों के स्वास्थ्य के साथ-साथ सम्पूर्ण पर्यावरण के लिये अत्यधिक हानिकारक माना जा रहा है। गाजर घास अमेरिका, एशिया, अफ्रीका व ऑस्ट्रेलिया में पाई जाने वाली नॉक्सियस (NOXIOUS) खरपतवार है। भारत में गाजर घास यानी पार्थेनियम देश क विभिन्न भागों में अलग अलग नामों जैंसे सफ़ेद टोपी, चटक चांदनी, गंधी बूटी, कांग्रेस घास आदि नामों से जाना जाता है। हमारे देश में सबसे पहले १९५५ में देखी गई थी, अब ये लगभग ३.५ मिलियन हैक्टर क्षेत्रफल में फैल चुकी है। भारत में गाजर घास का आगमनः अर्जेन्टीना, ब्राजील, मैक्सिकों एवं अमरीका में बहुतायत से पाए जाने वाले इस पौधे का कृषि मंत्रालय और भारतीय वन संरक्षण संस्थान के सर्वेक्षण के अनुसार भारत में पहले कोई अस्तित्व नहीं था। ऐसा माना जाता है, कि इस...

Soil health card: Today’s requirement of farmers  कृषि एवं इससे संबंधित गतिविधियां भारत में कुल सकल घरेलु उत्पाद में 30 फीसदी का योगदान करती है। कृषि सीधे तौर पर मिट्टी से जुडी है। किसानों की उन्नति मिट्टी पर निर्भर करती है, मिट्टी स्वस्थ तो किसान स्वस्थ। इसी सोच के आधार पर  भारत सरकार ने 19 फरवरी 2015 को राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ में किसानों के लाभ हेतु राष्ट्रव्यापी "मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना" का शुभारंभ किया। इस योजना में, किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किया जाता है,जिसमें उनके खेत की मिट्टी की पूरी जानकारी लिखी होती है जैसे  उसमे कितनी -कितनी मात्रा किन -किन पोषक तत्वों की है और कौन- कौनसा उर्वरक किसानों को अपने खेतो में उपयोग करना होगा। यह योजना भारत के हर क्षेत्र में उपलब्ध है। सरकार ने इस योजना के तहत पुरे भारत के 14 करोड़ से भी ज्यादा किसानों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। हर किसान को उसकी मृदा का स्वास्थ्य कार्ड प्रति 3 वर्ष में दिया जाता है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड क्या है? मृदा स्वास्थ्य कार्ड, मृदा के स्वास्थ्य से सम्बंधित सूचकों और उनसे जुडी शर्तों को प्रदर्शित करता है। ये सूचक स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों के सम्बन्ध में किसानों के व्यावहारिक अनुभवों और ज्ञान पर आधारित होते है। इसमें फसल के अनुसार, उर्वरकों  के...

Vegetables are Effective and Healthy Option to Deal With Malnutrition शाकाहारी जीवन में सब्ज़ियों एवं फलों का विशेष महत्त्व है । हमारे भोजन को पौष्टिक तथा संतुलित बनाने में सब्ज़ियों का विशेष योगदान है । अगर भोजन पौष्टिक और संतुलित नहीं है तो यह कुपोषण को जन्म दे सकता है। सब्ज़ियों से हमें पौष्टिक तत्व जैसे रेशा, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, खनिज लवण और विटामिन्स मिलते है। साथ ही इनमें ज्यादा मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट तथा ऐसे  रसायन तत्व भी  पाए जाते है जो हमें रोगो से बचाते है । इसलिए सब्ज़ियों को रक्षात्मक आहार भी कहा जाता है । असुंतलित भोजन, वह स्थिति है जिसमें पोषक तत्वों की अधिकता, कमी अथवा  गलत अनुपात में  उपस्थिति  कुपोषण को आमंत्रित करती  है । सन १९९१  की तुलना में ५० फ़ीसदी की सकल घरेलु उत्पाद  में वृद्धि होने के बावजूद भी आज हमारे देश में विश्व के लगभग एक तिहाई कुपोषित बच्चे निवास करते है । इनमें से भी आधे बच्चे ३ वर्ष की आयु से कम जो अल्प वज़नी है । एक सर्वे के अनुसार विश्व में कुल ५ वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु में आधे (३ मिलियन) बच्चे कुपोषण की वजह से  मरते है । ग्लोबल हंगर इंडेक्स-२०१६ के अनुसार भारत कुपोषण के कारण विश्व में सर्वाधिक भूख वाले २५ देशों की श्रेणी में गिना...

फाईटोमैलाटोनि‍न: पौधों में जैवि‍क तथा अजैवि‍क तनाव प्रबंधन के लिए पौधा हार्मोन The science behind plants stress tolerance to biotic and abiotic stresses always remained interesting and important to enhance the crop productivity in arid and semiarid regions all over the world. Today different stresses arise due to climate change, as well as due to natural and man made activities. Melatonin, once discovered in vertebrates as a hormone of the pineal gland, is now known to be formed in bacteria and numerous taxa of eukaryotes including various algae of different phylogenetic position and plants. It is biochemically N-acetyl-5-methoxytryptamine; biogenic indoleamine, structurally related to tryptophan, tryptamine, serotonin and indole-3-acetic acid (IAA). This hormone is involved in physiological activities. Plants accumulate high levels of melatonin when faced with harsh environments (Arnao and Ruiz, 2015; Zhang et al., 2014) and exogenously applied melatonin helps to improve tolerance to stresses. Melatonin ubiquitously present in organisms whose metabolism based on oxygen, so speculated that its primary function to protect organisms against oxygen toxicity. Melatonin in plants has been detected by several methods including radio Immuno Assay (RIA), enzyme-linked immunosorbent assay (ELISA), gas chromatography-mass spectrometry (GS-MS), and high-performance liquid chromatography (HPLC) with electrochemical detection (HPLC-ECD), fluorescence detection (HPLC-FD), or HPLC-MS (Nawaz et al., 2016). Phytmelatonin synthesis Phytomelatonin synthesized from tryptophan with the help of...

Farmer - Impecunious or sustenance for the Nation. भारत एक कृषि प्रधान देश है, यहाँ विश्व के अन्य देशों की अपेक्षा सर्वाधिक भू-भाग पर खेती की जाती है I इस देश की कुल भूमि का ४७.४८ प्रतिशत भू-भाग कृषि कार्यो के अंतर्गत आता है I भारत की लगभग ६० प्रतिशत जनसँख्या कृषि कार्यो में सलंग्न है परन्तु उनका देश की सकल घरेलू उत्पादन में कृषि योगदान १३.५ प्रतिशत है I प्रस्तुत विषय का विवेचन निम्नलिखित बिंदुओं पर करेंगें I किसान की सामाजिक व आर्थिक स्थिति : वर्तमान परिपेक्ष्य किसान बेचारा: मुख्य समस्यायें किसान: देश का सहारा कृषक सशक्त्तिकरण के प्रभावशाली उपाय कैसे सुधरेगी किसानो और खेती की दशा ? किसान की सामाजिक व आर्थिक स्थिति : वर्तमान परिपेक्ष्य स्वतंत्र भारत से पूर्व और स्वतंत्र  भारत के पश्चात एक लम्बी अवधि व्यतीत होने के बाद भी भारतीय किसानों की दशा दयनीय है I राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय (२०१४) के ताजा सर्वेक्षण के अनुसार किसानों की औसत आय ६४२६ रुपये प्रति माह मात्र है I इस आय में ३०७८ रुपये कृषि से, २०६९ रुपये मजदूरी/ पेंशन, ७६५ रुपये पशुधन  व ५१४ रुपये गैर-कृषि कार्यो से अर्जित करता है I समाज में भारतीय किसान की स्थिति अच्छी नहीं हैI उसे सामाजिक कार्यो जैसे विवाह, म्रत्युभोज इत्यादि कार्यो को संपन्न करने हेतु क़र्ज़ का भागीदार बनना पड़ता है I यह सच जानकर आपको हैरानी...

Kisan Rath Mobile App  कोरोना वायरस महामारी के कारण देश में तीन मई तक लॉकडाउन की घोषणा की गई है।इसके साथ ही इस लॉकडाउन में किसानों को फसल और सब्जी बेचने में काफी परेशानी हो रही है। वहीं किसानों की इस परेशानी को देखते हुए।  केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने 17 अप्रैल 2020  को कृषि भवन में ‘किसान रथ’ मोबाइल एप लॉन्च किया। इसकी टैग लाइन है “किसान का अपना वाहन "। लॉकडाउन जैसी स्थिति में किसानों को फसल और सब्जी बेचने में काफी परेशानी हो रही है. केंद्रीय कृषि मंत्री ने किसानों की इस परेशानी को देखते हुए यह ऐप लॉन्च किया है. किसान रथ मोबाइल ऐप का उद्देश्यरू इस समय पूरे देश में लॉक डाउन चल रहा है जिसकी वजह से किसान अपनी फसलों और सब्जी बेचने में काफी परेशानी हो रही है और उन्हें काफी नुकसान हो रहा है तथा उन्हें काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को देखते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कृषि उत्पादों के परिवहन में सुगमता लाने के उद्देश्य से किसान रथ मोबाइल ऐप लांच किया है. किसान रथ ऐप के जरिए किसान और व्यापारी आसानी से फसलों की खरीद और बिक्री कर सकते हैं. किसान रथ एप का फायदा क्या है?  केंद्र सरकार ने किसान रथ को लॉकडाउन...

National Agricultural Insurance Scheme for Profitable Farming राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के उद्देश्य निम्नलिखित है- प्राकृतिक आपदा, कीट या बीमारी के कारण किसी भी अधिसूचित फसल के बर्बाद होने की स्थिति में किसानों को बीमा का लाभ और वित्तीय समर्थन देना। किसानों को खेती के प्रगतिशील तरीके, उच्च मूल्य (आगत) इनपुट और कृषि में उच्चतर तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना। खेती से होनेवाली आय को विशेष रूप से आपदा के वर्षों में स्थायित्व देने में मदद करना। इसके अधीन फसलें निम्नलिखित वृहत समूहों की फसल, जिनके बारे में (1) फसल कटाई प्रयोग के बारे में समुचित वर्षों के आंकड़े उपलब्ध हैं और (2) प्रस्तावित मौसम में उत्पादन की मात्रा के आकलन के लिए आवश्यक फसल कटाई प्रयोग किये गये हों- खाद्य फसलें (अनाज, घास और दाल) तिलहन गन्ना, कपास और आलू (वार्षिक वाणिज्यिक या वार्षिक बागवानी फसलें) अन्य वार्षिक वाणिज्यिक या वार्षिक बागवानी फसलें, बशर्ते उनके बारे में पिछले तीन साल का आँकड़ा उपलब्ध हो। जिन फसलों को अगले साल शामिल किया जाना है, उनकी सूचना चालू मौसम में ही दी जायेगी। इसके अधीन लाये जानेवाले राज्य व क्षेत्र यह योजना सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में लागू है। जो राज्य या संघ शासित प्रदेश योजना में शामिल होने का विकल्प चुनते हैं, उन्हें योजना में शामिल की जानेवाली फसलों की सूची तैयार करनी होगी। निकास नियम- जो राज्य इस योजना...

Agricultural work to be carried out in the month of April मूंग: इस समय मूंग की फसल में 10 दि‍न के अन्‍तराल पर सि‍ंचाई करें। मूंग की फलि‍यां यदि‍ हल्‍के भूरे रगं की हो गयी हैं तो समझें की फसल पक कर तैयार है। गेंहूॅ: अनाज के भण्‍डारण से पहले गेंहूॅ को अच्‍छी तरह सुखा लें जि‍ससे उसमें नमी बाकी ना रहे। सब्‍जि‍यॉं : भि‍ण्‍डी व टमाटर की फसल को छेदक सूंडी के प्रकोप से बचाने के लि‍ए 0.1 प्रति‍शत टोपास या कैलि‍क्‍सि‍न  (400- 500 मि‍.लि‍./ 1000 लि‍टर पानी के हि‍साब से) का छि‍डकाव खडी फसल में कर दें। फल मक्‍खी के नि‍यंत्रण के लि‍ए मि‍थाइल यूजि‍नोल के फेरोमोन ट्रैप का प्रयोग करें। कद्दू वर्गीय फसले: कद्दू वर्गीय फसलों में कीट नि‍यंत्रण के लि‍ए यलो स्‍टि‍की ट्रैप , 20 से 25 प्रति‍ हैक्‍टेयर के हि‍साब से लगाऐं। कद्दू एवं चप्‍पन कद्दू में फूल आने पर 1 प्रति‍शत यूरि‍या के घोल का छि‍डकाव करें। खरपतवार से बचाव के लि‍ए नि‍राई गुडाई करें। तापमान बढने पर आवश्‍यकतानुसार सि‍ंचाई करें। यदि‍ बेल बढ गयी है तो सहारा लगा दें एवं मचान बना दें।   फल वाली फसलें: आम के पेडों में इस समय फल गि‍रने लगता है। इसके बचाव के लि‍ए 20 पी.पी.एम. की दर से नैफथलीन एसि‍टि‍क एसि‍ड का छि‍डकाव करें। आम, अंगूर व अमरूद के बाग में जि‍कं, कॉपर, मैंगनीज, लौहा व बोरॉन के सूक्ष्‍म पोषक तत्‍वों का...