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Gum karaya, a non timber forest produce भारतीय उपमहाद्वीप जैविक विविधता और वनस्पतियों का प्रमुख केंद्र है। उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक जीवन में कई वन उत्पादों का महत्वपूर्ण स्‍थान है। ये वन उत्पाद काष्ठ और अकाष्ठ वन उत्पादन में वर्गीकृत है। अकाष्‍ठ उत्‍पादों में विभिन्न पेड़ाेें की जड़, तने और फल से प्राप्‍त प्राकृतिक रेजिन, गोंद, रिसाव, पत्तिया (तेंदू),  गंध-द्रव्य, तेल शामिल हैं । अकाष्‍ठ उत्‍पाद मसाले, दवाइयों, रंजक और टैनिन की प्राकृतिक स्रोत हैं। ज्यादातर अकाष्ठ वन उत्पादन निर्यात मुद्रा अर्जक हैं और कई स्थानीय लघु उद्योगों के लिए अच्छी तरह से अनुकूल हैं भारत में लाख और गम के उत्पादन वाले पेड़ों की संख्या अधिकता में हैं जिससे...

Trimble Agriculture’s GreenSeeker® handheld crop sensor, available across India, is an easy-to-use handheld measurement device designed to assess the health of a crop. Readings taken with the device can be used to make objective decisions regarding the amount of fertilizer to be applied to a crop, resulting in a more efficient use of inputs. Farmers or any other operator just need to position the handheld sensor over a plant, pull the trigger, and the GreenSeeker handheld instantly calculates the Normalized Difference Vegetation Index (NDVI), which represents the health of the plant. By gathering several readings from plants throughout a field, farmers can better determine the overall health and needs of a...

Major agricultural activities in fruit crops in July जुलाई का महीना फल वाली फसलों व अन्य फसलों के लिए महत्वपूर्ण महीनों में से एक है क्योकि, जुलाई का महीना जिसे आषाढ़-श्रावण भी कहते है। एक लम्बी गर्मी या सूखे मौसम के पश्चात तपती हुई धरती को ठंडा करने के लिए मानसून लेकर आता है व पेड़-पौधों को प्रकृति के आशीर्वाद स्वरुप वर्षा जल की प्राप्ति होती है। वर्षा के पश्चात सारा खेत-खलिहान हरियाली से भर उठता है। फल वाली फसलों में अनेक कृषि कार्य जुलाई के महीने में किये जाते है, जैसे- अनेक फल पौधों की रोपाई, बीजू पौधों के बीज की बुवाई, जल निकास की व्यवस्था, उर्वरक प्रबंध, खरपतवार नियंत्रण, अंतर्वर्ती फसलों...

Livestock insurance scheme पशुधन बीमा योजना एक केंद्र प्रायोजित योजना है जो 10वीं पंचवर्षीय योजना के वर्ष 2005-06 तथा 2006-07 और 11वीं पंचवर्षीय योजना के वर्ष 2007-08 में प्रयोग के तौर पर, देश के 100 चयनित जिलों में क्रियान्वित की गई थी। यह योजना देश के 300 चयनित जिलों में नियमित रूप से चलाया जा रहा है। पशुधन बीमा योजना की शुरुआत दो उद्देश्यों के लि‍ए कि‍या गया है। 1. किसानों तथा पशुपालकों को, पशुओं की मृत्यु के कारण हुए नुकसान से, सुरक्षा मुहैया करवाने हेतु तथा 2. पशुधन तथा उनके उत्पादों के गुणवत्तापूर्ण विकास के चरम लक्ष्य के साथ लोकप्रिय बनाना । योजना के अंतर्गत देशी व संकर दुधारू मवेशियों और भैंसों का बीमा...

Pesticides and Insecticides scenario in India भारत में सत्तर के दशक में हरित क्रांती के पश्चात सघन खेती का दौर शुरू हुआ जिसने फसलो की संकर किस्मो की बुआई की जाने लगी। इन संकर किस्मो मेंं कीट तथा रोगो के प्रति सहिष्णुता कम होने से इन पर कीट तथा रोगो का असर ज्यादा होता है अतः इन पर कीटनाशी तथा रोगनाशी दवाओ का ज्यादा बार छिडकाव करना पडता है तथा ज्यादा बार इस्तेमाल करना पडता है । इसके अलावा कीटो  में कीट नाशियो  के प्रति प्रतिबंधक शक्ती निर्माण होती है। इसलि‍ए फसलो पर हर बार नयी कीटनाशी तथा रोगनाशी दवाओ का ज्यादा बार छिडकाव करना पडता है तथा ज्यादा बार इस्तेमाल करना पडता...

स्वास्थ्य वर्धक, पोषण से भरपूर सब्‍जी - ब्रोकली Brassica vegetables (Broccoli, Brussels sprouts, cabbage, cauliflower, collards, kale, mustard, rape, etc.)  have received a great deal of attention in the past 5–10 years as consumers have developed an increases awareness of the nutritional content of foodstuffs in their diet.  Brassicaceae family (Cruciferae) includes vegetables that are commonly grown and include broccoli, Brussels sprouts, cabbage, collards, kale, mustard, rape, etc. Broccoli (Brassica oleracea var. italica) is an important cole crop. The majority of Brassica vegetables are purchased and consumed as fresh vegetables, mostly following cooking. The time and methods of cooking have a considerable influence on nutrient availability and content. Since ancient period the mankind...

प्रेस विज्ञप्ति क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन लिमिटेड ने उत्पादकता सुधारने के लिए  सात उत्पाद लॉन्च किए किसानों के लिए उपहारों की टोकरी में कीटनाशी, फफूंदीनाशक, खरपतवारनाशी शामिल हैं इन उत्पादों का उद्देश्य फसल की सुरक्षा एवं उत्पादकता में सुधार करना है, जो किसानों के लिए वरदान साबित होगा ____________________________________________________________________ लखनऊ, जुलाई 4, 2018:  फसल सुरक्षा क्षेत्र की सुस्थापित कंपनी, क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन लिमिटेड ("क्रिस्टल"), जो कीटनाशी, फफूंदीनाशक, खरपतवारनाशक, पौधे की वृद्धि के नियामकों एवं जैव पोषक तत्वों की अपनी श्रृंखला के लिए मशहूर है, ने आज किसानों के लिए उपहारों की एक टोकरी को बाजार में उतारने की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य भारतीय किसानों के लिए उत्पादकता में सुधार करना है। किसानों की चुनौतियों को ध्यान...

Impact of changing environment on agriculture भारत में खेती का बडा भाग मौसमी बरसात पर ही निर्भर हैं। बदलते मौसम के कारण खेती को नुकसान हो रहा है। देश में फसल उत्पादन में उतार-चढ़ाव का कारण बहुत कम या अत्यधिक वर्षा, अत्यधिक नमी, असामान्‍य तापमान, रोग व कीट प्रकोप, बेमौसम बारिश, बाढ़ व सूखा और ओलेे आदि मुख्य हैं। पिछले कुछ सालों से मौसम चक्र ने हमें चौंकाने का जो सिलसिला शुरू किया है जैसे की अतिवृष्टि और अनावृष्टि, ये तो हमारे लिए और खेती के लिए मुसीबत बन गया हैं। पिछले वर्ष की अपर्याप्त मानसूनी बारिश से जो दुष्प्रभाव पैदा हुये है, वे बीते दिनों में और बढ़ गये हैं। जलवायु परिवर्तन जैसे तापमान...