Agriculture Knowledge for Everyone

Miscellaneous

Agricultural work to be carried out in the month of March सब्‍जि‍यॉं : कद्दू, चप्‍पन कद्दू, लौकी , करेला, तोरर्इ , खीरा, खरबूजा, तरबूज आदि‍ बेल वाली सब्‍जि‍यों की बुआई करें। पूसा की नि‍म्‍न प्रजाति‍यों का चयन करें। कद्दू:  पूसा वि‍श्‍वास, पूसा हाईब्रि‍ड 1 खीरा: पूसा उदय खरबूजा: पूसा मधुरस तरबूज: शुगर बेबी चप्‍पन कद्दू:  ऑस्‍ट्रेलि‍यन ग्रीन एवं पूसा अलंकार कद्दू वर्गीय फसलों में 100-50-50 कि‍ग्रा/ हैक्‍टेयर की दर से नाईट्रोजन-फॉस्‍फोरस-पोटेशि‍यम की मात्रा डालें। तथा 5-6 दि‍न के अंतराल पर सि‍चांई करते रहे। भि‍ण्‍डी में फली व तना भेदक कीट के नि‍यंत्रण के लि‍ए 2 मि‍ली इमि‍डाक्‍लोप्रि‍ड दवा को 10 लि‍टर पानी में घोलकर छि‍डकाव करें। भि‍ण्‍डी रस चुसने वाले कीडों के नि‍यंत्रण के लि‍ए ट्राइजोफॉस और डेल्‍टामेथ्रि‍न 1 मि‍ली दवा / लि‍टर पानी में घोलकर बारी बारी से 10-15 दि‍नों के अंतराल पर छि‍डकाव करें।   मूंग फसल खरपतवार नि‍यंत्रण  के लि‍ए 1 कि‍ग्रा प्रति‍ हैक्‍टेअर की दर से पेन्‍डामि‍थालि‍न दवा 500 लि‍टर पानी में घोलकर बुआई के एक दो दि‍न बाद छि‍डकाव करे। मूंग के लि‍ए 20:40:20 kg/ ha की दर से NPK की मात्रा को आधार खुराक के रूप में दें। मूंग में आवश्‍यकता अनुसार सि‍चांई करे। फल फसलें:   आम में चूणि‍ल आसि‍ता रोग की रोकथाम के लि‍ए डाइनोकेम दव 1 मि‍ली प्रति‍ 1 लि‍टर पानी में मि‍लाकर छि‍डकाव करें। आम में एथ्रेक्‍नोज (पत्‍ति‍यों व मंजरि‍यों पर काले धब्‍बे) की रोकथाम के लि‍ए 2 ग्राम कार्बेन्‍उाजि‍म...

Recommended Monthly Agricultural Activities for Scientific Farming 1. जनवरी माह के कृषि कार्य: Agricultural work to be carried out in the month of January गेंहूॅ फसल:  पत्‍ती व तना भेदक की रोकथाम के लि‍ए इमि‍डाक्‍लोप्रि‍ड 200 ग्राम प्रति‍ हैक्‍टेयर या क्‍यूनलफॉस 25ई.सी. दवा 250 ग्राम प्रति‍ हैक्‍टेयर का प्रयोग करें। प्रोपीकोनाजोल 0.1 प्रति‍शत के घोल का छि‍डकाव करे। गेहूॅ की पछेती कि‍स्‍मों में बुआई के 17 से 18 दि‍न बाद सि‍चाई करें तथा उसके बाद 15-20 दि‍नों के अंतराल पर सि‍ंचाई करते रहे। गेंहूं की फसल को चूहों से बचाने के लि‍ए जि‍कं फॉस्‍फाइड से बने चारे अथवा एल्‍यूमि‍नि‍यम से बनी टि‍कि‍या का प्रयोग करें। सब्‍जि‍यॉं : प्‍याज के पौधों की रोपाई करें। प्‍याज के पौधों की रोपाई के बाद सि‍चाई करें तथा खरपतवार नि‍यंत्रण के लि‍ए रोपाई के बाद पैन्‍डामैथि‍लि‍न दवा 2.5 लि‍टर प्रति‍ हैक्‍टेयर के दर से छि‍डकाव करें। गोभी वर्गीय फसल में सि‍चाई  गुडाई व मि‍टटी चढाने का काम करें। पि‍छले माह रोपी गई टमाटर की फसल में स्‍टेकि‍गं यानि‍ सहारा देने का काम करें। टमाटर व प्‍याज में जि‍क व बोरान की कमी होने पर 20-25 कि‍लो जि‍कं सल्‍फेट व बोरेक्‍स का प्रयोग करे। दलहनी फसल मटर में फली भेदक के नि‍यंत्रण के लि‍ए इमि‍डाक्‍लोप्रि‍ड 200 ग्राम सक्रि‍य तत्‍व प्रति‍ हैक्‍टेअर की दर से 600 से 800 लीटर पानी में घोलकर छि‍डकाव करें। मटर में पत्‍ती भेदक के लि‍ए मेटासि‍स्‍टॉक्‍स 20 ईसी दवा 1...

Agricultural work to be carried out in the month of May दलहनी फसल: इस समय मूंग, उर्द, लोबि‍या की फसल में 12 से 15 दि‍न के अन्‍तराल पर सि‍ंचाई करें। मूंग में पत्‍ति‍यों के धब्‍बा रोग की रोकथाम के लि‍ए कॉपर ऑक्‍सीक्‍लोराईड 0.3 प्रति‍शत का घोल बनाकर 10 दि‍न के अंतराल पर छि‍डकाव करें। दलहनी फसल में धब्‍बा रोग के लि‍ए कार्बेन्‍डाजि‍म 500 ग्राम / हैक्‍टेयर के हि‍साब से घोल बनाकर छि‍डकाव करें। पीला मौजैक रोग की रोकथाम के लि‍ए एक लि‍टर मेटासि‍स्‍टाक्‍स दवा को 1000 लि‍टर पानी में घोलकर प्रति‍ हैक्‍टेअर की दर से छि‍डकाव करें।  गेंहूॅ: गेहूॅ में मढाई का कार्य शीघ्र पूरा कर ले। अनाज के भण्‍डारण से पहले गेंहूॅ को धूपं में इतना सुखाऐं कि‍ उसमें नमी 10 -12 प्रति‍शत से अधि‍क ना हो। गेंहूॅ भंडारण से पहले भण्‍डारग्रह को 0.3 प्रति‍शत मैलाथि‍यान के घोल से वि‍संक्रमि‍त कर लें। अनाज के बोरों को अनाज भरने से पहले भूसे व नीम की सूखी पत्‍ति‍यां बि‍छा लें। बोरो को दीवार से 50 सें.मी. दूर रखे। अनाज को 1000 : 1 के अनुपात में नीम के बीज के पाऊडर के साथ रखें।  सब्‍जि‍यॉं : कद्दू वर्ग की सब्‍जि‍यों मे सि‍ंचाई करे। कद्दू वर्ग की सब्‍जि‍यों में फल मक्‍खी के नि‍यंत्रण के लि‍ए प्‍वाइजन वेट्स का प्रयोग करें। प्‍वाईजन वेट्स - एक लि‍टर पानी में 1.5  मि‍.ली. मि‍थाइल यूजीनॉल, 2 मि‍.ली. लि‍टर डाईक्‍लोरोवॉस मि‍लाएं तथा...

Agricultural work to be carried out in the month of June धान फसल: यदि‍ मई के अन्‍ति‍म सप्‍ताह में धान की नर्सरी नही डाली हो तो जून के प्रथम पखवाडे तक पूरा कर ले। सुगंधि‍त धान की प्रजाति‍यों की नर्सरी जून के तीसरे सप्‍ताह मे ही डालनी चाहि‍ऐ। एक हैक्‍टेयर क्षेत्रफल में धान की रोपाई के लि‍ए 800 से 1000 वर्ग मीटर नर्सरी क्षेत्र की आवश्‍यकता होती है। प्रमुख कि‍स्‍मे - पूसा 1509, 1612, पूसा बासमती 5,6, पूसा 1121, पूसा आरएच 10  सब्‍जि‍यॉं : बै्ंगन, मि‍र्च व अगेती फूलगोभी की नर्सरी तैयार करें। बैंगन की कि‍स्‍मे: गोल फल- पूसा उत्‍तम, पूसा संकर 6 व 9, लम्‍बे फल- पूसा श्‍यामला, पूसा कौसल, पूसा संकर 5 व 20, छोटे गोल फल- पूसा बि‍ंदू, पूसा अंकंर, पूसा उपकार। गोभी की कि‍स्‍में: पूसा मेघना, पूसा अश्‍वि‍नी मि‍र्च की कि‍स्‍मे: पूसा ज्‍वाला, पूसा सदाबहार बुआई से पहले प्रति‍ कि‍लोग्राम बीज को 4 ग्राम ट्राइकोडर्मा अथ्‍ावा 3 ग्राम थि‍रम या केप्‍टान या 2 ग्राम कार्बेन्‍डाजि‍म से बीजोउचार अवश्‍य करें । फल वाली फसलें: जून में आम, अमरूद, नींबू, कि‍न्‍नू, मोसम्‍मी तथा लीची के नए बाग लगाने की तैयारी करते है जैसे की बाग का लेआउट व डि‍जाईन बनाना। गढ्ढो की खुदाई (आकार 1x1x1 घन मीटर)। प्रति‍ गढ्ढा 20 कि‍लो अच्‍छी तरह से सडी गोबर की खाद 100 ग्राम नाइट्रोजन, फास्‍फोरस व पोटास प्रत्‍येक, की मात्रा मि‍ट्टी मे मि‍लाकर...

Agricultural work to be carried out in the month of July धान फसल: धान की मध्‍यम व देर से पकने वाली प्रजाति‍यों की रोपाई पहले पखवाडे में, शीघ्र पकने वाली कि‍स्‍मों की रोपाई दूसरे पखवाडे में तथा सुगन्‍धि‍त कि‍स्‍मों की रोपाई अन्‍ति‍म पखवाडे मे कर दें। धान की रोपाई से पूर्व 25 कि‍ग्रा / हैक्‍टेअर की दर से जि‍ंक सल्‍फेट खेत में मि‍ला दें परन्‍ते ध्‍यान रखें कि‍ फास्‍फोरस वाले उर्वरकों के साथ जि‍ंक सल्‍फेट कभी भी ना मि‍लाऐं। धान में खैरा रोग के लक्षण दि‍खाई देने पर प्रति‍ हैक्‍टेयर 5 कि‍ग्रा जि‍ंक सल्‍फेट व 2.5 कि‍ग्रा चूना 800 लि‍टर पानी में घोलकर छि‍डकाव करें। सब्‍जि‍यॉं : भि‍ण्‍डी, सेम, लोबि‍या, चौलाई तथा कद्दू वर्गीय सब्‍जि‍यों की नि‍म्‍न प्रजाति‍यों की बुआई करे। लोब्‍ि‍ाया- पूसा सुकोमल लौकी- पूसा नवीन, पूसा संतुष्‍टि‍, पूसा हाईब्रि‍ड 3 करेला- पूसा दोमौसमी, पूसा औषधि‍, पूसा हाईब्रि‍ड 2 चि‍कनी तोरई- पूसा स्‍नेहा धारीदार तोरई- पूसा नूतन पेठा- पूसा उज्‍जवल, पूसा उर्मी, पूसा श्रेयाली फल फसलें:   आम की आम्रपाली, मल्‍लि‍का, दशहरी, पूसा सूर्य व पूसा अरूणि‍मा कि‍स्‍में तोडने के लि‍ए तैयार हो जाती हैं। फलों को इथ्रेल के घोल (1.8 मि‍ली प्रति‍ लीटर गुनगुने पानी मे) में 5 मि‍नट रखकर समान रूप से पकाऐं। आम, अमरूद तथा पपीते में फल मक्‍खी की रोकथाम के लि‍ए इमि‍डाक्‍लोप्रि‍ड 3 मि‍ली दवा 10 लीटर पानी में घोलकर छि‍डकाव करें तथा मि‍थाईल युजि‍नोल फेरामोंन ट्रैप का प्रयोग...

Agricultural work to be carried out in the month of August धान फसल: गैर बासमती धान की अधि‍क उपज वाली कि‍स्‍मों में रोपाई के 25 से 30 दि‍न बाद 30 कि‍लो नाइट्रोजन यानि‍ 65 कि‍लो यूरि‍या प्रति‍ हैक्‍टेअर तथा बासमती कि‍स्‍मों मे 15 कि‍लोग्राम नाइट्रोजन (33 कि‍ग्रा यूरि‍या) प्रति‍ हैक्‍टेयर की टापॅ ड्रेसि‍ंग कर दें। इतनी ही मात्रा से दूसरी व अन्‍ति‍म टॉप ड्रेसि‍ंग रोपाई के 50-55 दि‍न बादे करें  ध्‍यान रखे की टॉप ड्रेसि‍ंग करते समय खेत मे पानी 2-3 सेमी से अधि‍क ना हो। धान के तना छेदक कीट की रोकथाम के लि‍ए, जब खेत में 4.5 सेंमी पानी हो, प्रति‍ हैक्‍टेयर 20 कि‍ग्रा कार्बोफयूरान दवा का प्रयोग करें अथवा क्‍लोरोपायरीफास 20 ईसी दवा 1.5 लि‍टर प्रति‍ हैक्‍टेयर की दर से 60 लीटर पानी मे घोलकर छि‍डकाव करें। सब्‍जि‍यॉं : गोभी की पूसा शरद,पूसा हाईब्रि‍ड 2 प्रजाति‍ की नर्सरी तैयार करें। अगेती गाजर जैसे पूसा वृष्‍टि‍ कि‍स्‍म की बुआई आरम्‍भ कर सकते हैं। कद्दू वर्गीय सब्‍जि‍यों में मचान बनाकर उस पर बेल चढाने से उपज में वृद्धि‍ होगी व स्‍वस्‍थ्‍य फल बनेंगें। बैंगन में थि‍रम 3 ग्राम या कैप्‍टान 3 ग्राम या कार्बेन्‍डाजि‍म 2 ग्राम प्रति‍ कि‍लोग्राम बीज की दर से उपचारि‍त करके बुआई करने से फोमाप्‍सि‍सं अंगमारी व फल वि‍गलन की रोकथाम करें। फल फसलें:   तराई क्षेत्रों में आम के पौधों पर गांठ बनाने वाले कीडे गॉल...

Agricultural work to be carried out in the month of September धान फसल:  धान का भंडारण करते समय आद्रता स्‍तर 10-12 प्रति‍शत से कम होनी चाहि‍ए।  धान का भण्‍डारण कक्ष को तथा जूट के बोरों को वि‍संक्रमि‍त करके ही भंडारण करे। धान भण्‍डारण के कीडों के नि‍यंत्रण के लि‍ए फोस्‍टोक्‍सीन दवा का प्रयोग करें। कीडों से बचाव के लि‍ए स्‍टॉक को तरपोलि‍द से ढक दें। सब्‍जि‍यॉं : गोभी की पूसा सुक्‍ति‍, पूसा पौषजा प्रजाति‍यों की नर्सरी तैयार करें। बन्‍द गोभी की कि‍स्‍म गोल्‍डन एकर, पूसा कैबेज हाईब्रि‍ड 1 की नर्सरी तैयार करें। पालक की पूसा भारती कि‍स्‍म की बुआई आरम्‍भ कर सकते हैं। बैंगन की पौध पर 3 ग्राम मैंकोजेब और 1 ग्राम कार्बेन्‍डाजि‍म को एक लि‍टर पानी में घोलकर छि‍डकाव करें। अगेती गाजर की पूसा वृष्‍टि‍ कि‍स्‍म की बुआई करें। गाजर को पर्ण अंगमारी रोग से बचाव के लि‍ए थीरम 2.5 ग्राम प्रति‍ कि‍लोग्रा बीज की दर से उपचारि‍त करके बोऐं। गाजर को स्‍क्‍लेरोटि‍नि‍या वि‍गलन से बचाव के लि‍ए 15 ग्राम प्रति‍ तीन लि‍टर पानी मे घोलकर मृदा को सींचे।   फल फसलें:   वयस्‍क आम के पौधों में बची हुई उर्वरक की मात्रा (500 ग्राम नाईट्रोजन, 250 ग्राम फॉस्‍फोरस व 500 ग्राम पोटास) को मानसून की बारि‍स के पश्‍चात डालें। नींबू वर्गीय फलों में यदि‍ डाईबैक, स्‍कैब  तथा सूटी मोल्‍ड बीमारी का प्रकोप हो तो 3 ग्राम कापर ओक्‍सीक्‍लोराइड दवा एक लीटर पानी में घोलकर...

Agricultural work to be carried out in the month of October पुष्‍प फसलें:  इस माह में गलैडि‍योलस की  पूसा शुभम, पूसा कि‍रन, पूसा मनमोहक, पूसा वि‍दुषि‍ पूसा सृजन व पूसा उन्‍नती कि‍स्‍मों की बुआई करें।  गलैडि‍योलस के लि‍ए बीज दर 1.5 लाख कंद प्रति‍ हैक्‍टेयर रखें। गलैडि‍योलस में चैफर से बचाव के लि‍ए 20-25 कि‍ग्रा / है. की दर से थीमेट–जी ग्रैन्‍यूलस भूमि‍ मे मि‍ला दें। नाइट्रोजन-फासफोरस-पोटश (NPK)  को 25:16:25 ग्राम/ वर्गमीटर की दर से भूमि‍ मे मि‍ला दें। सब्‍जि‍यॉं : टमाटर की नर्सरी तैयार करें। पूसा रोहि‍णी, पूसा हाईब्रि‍ड 1,2,4,8 कि‍स्‍मों की बुआई करें फूलगोभी की पछेती कि‍स्‍में पूसा स्‍नोबाल, के-1 पूसा स्‍नोबाल के टी 25, पूसा स्‍नोबाल हाईब्रि‍ड 1 की बुआई करें। अगेती फसल के लि‍ए मटर की प्रजाति‍ पूसा श्री की बुआई 15 अक्‍टूबर तक कर दें। सामन्‍य फसल के लि‍ए मटर की कि‍स्‍में पूसा प्रगति‍, आर्कि‍ल व पूसा श्री की बुआई 15 अक्‍टूबर के बाद भी कर सकते है। गाजर की पूसा रूधि‍मा, पूसा गसूधा , पूसा असि‍ता कि‍स्‍मों की बुआई अक्‍टूबर मे कर सकते है। पालक कि‍स्‍म पूसा भारती, ऑलग्रीन की बुआई करे मेथी की पूसा अर्ली बंचि‍ग तथा साग सरसों कि‍ कि‍स्‍मं पूसा साग 11 की बआई करें।।   फल फसलें:   आम मे कुरूपता रोग (मैंगो मालफारमेसन ) की रोकथाम के लि‍ए 200 PPM (2 ग्राम प्रति‍  10 लीटर पानी में) नेफथेलीन एसि‍टि‍क ऐसि‍ड का छि‍डकाव करें। आम में नि‍यमि‍त फसल...