Animal husbandry

Goat farming a profitable business भारत में बकरी पालन छोटे किसानों द्वारा लोकप्रियता के साथ अपनाया जा रहा है। अन्य पशुओं की अपेक्षा यह अधिक लाभदायक है क्योंकि इसमें कम लागत, सामान्य आवास तथा कम संसाधन की आवश्यकता होती है। ग्रामीण व भूमिहीन किसानों के लिए बकरी पालन आजीविका का एक अच्छा  साधन है। बकरी पालन से परिवार की रोजी रोटी आसानी से चल सकती है। देश में बकरी पालन मुख्य रूप से दूध, मांस व रेशों के उत्पादन के लिए किया जाता है। बकरियों में रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है तथा उच्च तथा निम्न तापक्रम को सहने की भी अच्छी क्षमता होती है। बकरी को गरीब की गाय के नाम से...

ब्रॉयलर प्रबंधन: मुर्गी पालन विकास के लिए कुशल रणनीति A Broiler is a bird of about 6-8 weeks of age of either sex (straight-run chicks) with an average body weight of 1.5 to 2.0 kg with a flexible breast bone cartilage, pliable and tender meat. It is a tender meat young chicken of either sex that grows from a hatch weight of 38-40 gm to a weight over around 1 Kg 700 gm in about 6 weeks’ time only. Factors acting broiler quality and growth: Various factors affecting the growth rate in the broilers include health, nutrition, temperature, water supply, vaccination, lightening, food supply, water supply, ventilation, stocking density. Housing system and rearing system in broilers: Broilers...

पशुओं में विभिन्न तनाव और उनकी शमन रणनीति Stress is the necessary response of the living body to maintain homeostasis. The stress response is highly integrated. Livestock responds to various kinds of stress including production, parturition social, environmental stress, and nutritional stress, in a well-coordinated effort of the brain, and other body organs. The stress response is classified into four types; under stress, eustress, overstressed & distressed. Under stress; when an animal feels boredom due to lack of an object of interest, eustress; makes animal produces extraordinary responses called as good stress, overstressed; when environmental condition is not that favourable and produces mild activation stress response, and distressed; when the major stress...

उच्च उपज देने वाले मवेशियों में गर्मी तनाव प्रबंधन Sustainability in livestock production system is largely affected by climate change. An imbalance between metabolic heat production inside the animal body and its dissipation to the surroundings, leads to heat stress under high air temperature and humid climates. The foremost reaction of high yielding cattle under thermal weather is increases in respiration rate, rectal temperature and heart rate. It directly affects feed intake thereby, reduces growth rate, milk yield, reproductive performance, and even death in extreme cases. Dairy breeds are typically more sensitive to heat stress than meat breeds, and higher producing animals are, furthermore, susceptible since they generate more metabolic heat. Heat stress...

Major breeds of sheep and goat in India भारतीय कृषि में पशु पालन के अन्तर्गत बकरी व भेड़ पालन की महत्वपूर्ण भूमिका है जो मुख्यतः सीमांत किसान व लघु कृषकों के आजीविका के साथ निकटता से जुड़ी हुई है। समय के साथ यह व्यवसाय अपने प्रमुख उत्पादों जैसे दूध, मांस, रेशों, खाल आदि के बढ़ते मांग को देखते हुए निरंतर विस्तार की ओर अग्रसर है, जिसके अन्तर्गत मुख्यतः बहुउपयोगी नस्लों के संवर्धन द्वारा इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के प्रयास हैं। भारत बकरी व भेड़ अनुवांशिक संसाधनों का एक समृद्ध भंडार है जो वर्तमान मे 34 बकरी की नस्लें और 44 भेड़ की नस्लों के रुप मे पहचाना जाता है। अन्य नस्लें...

Air breathing fish (magur) seed production method वायु श्वासीय (मागुर) मछली सिलुरिफोर्मिस वर्ग में आता है। यह मछली भारतीय मागुर (कैट फिशेष) के नाम से जाना जाता है। यहॉ मागुर की तीन प्रजाती पायी जाती है। क्लेरिअस मागुर, क्लेरिअस गरिएपिनस, क्लेरिअस मेक्रोसिफेलस (Clarias magur, C. gariepinus, C. macrocephalus), ये मछली देरेलिक्ट पानी में पायी जाती है जिसमे घुलनशील ऑक्सीजन कम और बहुत अधीक मात्रा में कार्बनडाइ-आकसाईड, मेथेन, अमोनिया पायी जाती है। इन मछलियो मे सहायक शवसन (Accessory respiratory organ) अंग पाया जाता है इस मछलीयों कम पानी में बहुत अच्छा उत्पादन होता है। यह मछली छह से आठ माह में २०० – २५० ग्राम की हो जाती है और एक वर्ष बाद...

Biofloc technology of Fish farming in water tank निरंतर बढती आबादी के कारण देश में मछली की खपत दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। जिसको ध्यानमें रखते हुए मत्स्य पालक उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नयी तकनीक को अपना रहें है। इसके लिए कम पानीऔर कम खर्च में अधिक से अधिक मछली उत्पादन करने हेतु बायोफ्लॉक तकनीक का विकास किया गया है। बायोफ्लॉक तकनीक एक आधुनिक व वैज्ञानिक तरीका है जिसका प्रदर्शन एवं प्रचार मत्स्य विज्ञान विभाग, नारायण कृषि संस्थान, गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय, जमुहार, सासाराम, रोहतास, बिहार के द्वारा प्रतिपादित किया जाता है।  मछली पालन के इस तकनीक को अपनाते हुए मत्स्य पालक न सिर्फ नीली क्रांति के अग्रदूत बनेंगे बल्कि बेरोजगारी...

Care and Management of livestock during Winter season  ठंड के मौसम में किसान अपने पशुओं की देखभाल में विशेष एहतियात बरतें, ताकि पशुओं के दुग्ध उत्पादन पर बदलते मौसम का असर न पड़े। सर्दी के मौसम में यदि पशुओं के रहन-सहन और आहार का ठीक प्रकार से प्रबंध नहीं किया गया, तो ऐसे मौसम का पशु के स्वास्थ्य व दुग्ध उत्पादन की क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ठंढ के मौसम में पशुपालन करते समय मौसम में होने वाले परिवर्तन से पशुओं पर बुरा प्रभाव पड़ता है, परंतु ठंड के मौसम में पशुओं की दूध देने की क्षमता शिखर पर होती है तथा दूध की मांग भी बढ़ जाती है। अतः इस...