Animal husbandry

मछली के साथ खरगोश पालन ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमियों के लिए एक अभिनव विचार The growth of trade industries in the 21st century is commendable. In this situation, "rabbit farming" and "rabbit cum fish farming" is a good and low cost business for the common man.  Rabbit cum fish farming gives you more profits in less cost. Integrated Fish Farming: Any animal husbandry can be integrated with fisheries so that more production can be achieved at less cost.  Generally, poultry, duck and pig farming are quite popular along with fisheries.  But the manure produced from rabbit-cum-fishery and other animal husbandry etc. can be directly used in fish farming, so that there is...

Care of cow and its new born calf डेयरी फार्मिंग कृषि समुदाय के साथ-साथ भूमिहीन गरीबों का एक महत्वपूर्ण व्यवसाय है। डेयरी फार्मिंग की लाभप्रदता कई कारकों पर निर्भर करती है जैसे पशुओं की दूध की उपज, बछड़े के उत्पादन में नियमितता, चारे की लागत, श्रम लागत और प्रबंधन आदि। उत्पादन प्रदर्शन में प्रजनन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नियमित रूप से प्रजनन और उत्पादन के लिए पोषण और स्वास्थ्य देखभाल बहुत महत्वपूर्ण है। बछड़े का विकास गर्भधारण के अंतिम दो महीनों के भीतर होता है। गर्भवती बांध का प्रबंधन उसके खीस  में पाए जाने वाले एंटीबॉडी की गुणवत्ता और मात्रा को प्रभावित करता है, जो सीधे बछड़े के स्वास्थ्य को प्रभावित...

अफारा रोग: पशुओं में आकस्मिक मौत का प्रमुख कारण  जुगाली करने वाले पशुओं में अफरा एक आम समस्या है । इनके रुमेन (पेट) में पाचन के दौरान गैस का बनना एक सामान्य प्रक्रिया है तथा यह गैस थोड़े थोड़े अंतराल पर  मुँह के रास्ते से हमेशा निकलती रहती है । परन्तु जब किसी कारण बस गैस बाहर नहीं निकल पाती है, तब गैस भरने की वजह से पेट फूल जाता है। इस अवस्‍था अफारा कहते है। अफारे के कारण पशु की कृति या छायाचित्र बदल जाती है और पशु को साँस लेने में परेशानी होती है। कुछ पशुओं में तीव्र अफरा की वजह से आकस्मिक मृत्यु भी हो जाती है । अफरा दो तरह...

Goad Plague or Peste des Petits Ruminants (PPR) epidemic disease problem and management in Sheeps and Goats भारत में पशुपालकों का ध्यान छोटे जानवरों की तरफ जा रहा है. छोटे पशुओं को पालने में लागत काफी कम और मुनाफा ज्यादा होने की गुंजाईश कई गुणा ज्यादा है. बकरी की कई ऐसी प्रजातियां हैं जिस पर रोज़ाना 6 -7 रुपये खर्च आता है और इससे साल में दस हज़ार तक की कमाई हो जाती है. इसी कारण यह गरीब पशुपालकों की आजीविका का साधन है. बकरी पालन में जोखित और दूसरो बिजेनस से काफी कम है और गोट मीट की मांग भारत में हर जगह लगातार बढ़ती ही जा रही है। बकरे भारत में...

Pig farming an introduction हमारा देश तेजी से बढती आबादी के लिए खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ पोषण सुरक्षा से संबंधित चुनौतियों का सामना कर रहा है, इनके समाधान के लिए पशु पालन हेतु समन्वित दृष्टिकोण अपनाने की जरुरत है। विभिन्न पशुधन प्रजातियों में, सुअर पालन मांस उत्पादन के लिए सबसे अधिक संभावनापूर्ण स्त्रोत है और सुअर ब्रायलर के बाद आहार को सबसे अधिक मांस में परिवर्तित करने वाले पशु हैं मांस उपलब्ध कराने के अलावा, ये शूक (कडे बाल) और खाद के भी स्त्रोत हैं. सुअर पालन मौसमी रुप से रोजगार प्राप्त करने वाले ग्रामीण किसानों को रोजगार के अवसर प्रदान करेगा और अनुपुरक आय भी पैदा होगी जिससे उनके जीवन स्तर...

मछली पालन तालाबों में जलीय खरपतवार नि‍यंत्रण के उपाय  तालाबों में उगने वाले जलीय पौधे मछली और वन्यजीवों के लिए फायदेमंद होते हैं वे भोजन, घुलित ऑक्सीजन, और मछली और जलपक्षी के लिए निवास स्थान प्रदान करते हैं। जलीय पौधे अत्यधिक पोषक तत्वों को अवशोषित कर सकते हैं और रसायनों के विषाक्त प्रभाव को कम करते हैं शैवाल और अन्य जलीय पौधों के घने विकास (सतह क्षेत्र का 25% से अधिक) गंभीर रूप से तालाब में बाधा डाल सकते हैं और जलीय जीवन के लिए खतरा उत्पन्न कर सकते हैं। पानी के पौधे तैराकी, नौका विहार, मछली पकड़ने और अन्य जलीय क्रियाओ को प्रतिबंधित कर सकते हैं। पानी के पौधे अप्रिय स्वाद (मस्टी...

Use of organic manure in fish productivity मछली पालन आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है मछली पालन कई मछुवारे परिवारो के जीवन व्यतीत करने का प्रमुख साधन/ व्यवसाय है  परन्तु मछली पालन से जितना मत्स्य पालकों को लाभ प्राप्त होना चाहिए वो नही हो पाता है क्योकि मछलियों का उत्पादकता दर बहुत कम ही हो पाता है, जिसका प्रमुख कारण मछलियों को पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्वों का नहीं मिल पाना है मछलियों में हो रहे पोषक तत्वों के कमी को खाद पदार्थो का उपयोग करके किया जा सकता है यह खाद पदार्थ बहुत से प्रकार के होते है जैसे की गाय के गोबर, सूअर, मुर्गी, पालन से निकल रहे अपशिस्ट पदार्थ...

How to properly nurture newborn calf? पशुपालन व्यवसाय की सफलता के लिये उचित संख्या में उत्तम गुणों वाले बच्चों का विकास आवश्यक है। यही बछड़े बड़े होकर पुराने, बूढ़े तथा अनुत्पादक पशुओं का स्थान लेते है। इस तरह यह सतत प्रक्रिया चलती रहती है एवं उत्पादकता और लाभ दोनों ही बढ़ते हैं। यदि बछड़े पर्याप्त संख्या में ना हों तो अगली पीढ़ी के लिये उच्च उत्पादकता के पशु चयन करने में सफलता नहीं मिल पाएगी । यदि पालन पोषण पर ध्यान नहीं दिया जाए तो बछड़ों की मृत्युदर अधिक हो जाती है साथ ही जो बच्चे बच जाते हैं उनकी वृधिदर कम हो जाती है तथा उत्पादकता घट जाती है। बछड़ों की मृत्युदर...