Miscellaneous

उगाऐ गऐ तेल ताड़ के फलों में विविधता Oil palm (Elaeis guineensis Jacq.) is perennial vegetable oil yielding crop. Which gives 4-6 t/ha of oil yield per hectare. Area covered under oil palm in India is around 3, 25000 hectares and Andhra Pradesh is leading in area with 1, 56000 hectares. India is the world's largest importer of palm oil, importing of 8-9 million tonnes of the edible oil per annum from the overseas market. Palm oil accounts for over 60 % of the country's total edible oil imports. India imports palm oil mainly from Indonesia and Malaysia, the world's largest producers. To reduce the import of oil from other country we need to...

फसल सुधार के माध्यम से जैव संवधर्न की भूमिका Plants are the prime source of essential minerals nutrients. These mineral elements which play vital role for human beings for their existence and the continuity race of life. Some plants are rich for some mineral and have deficiency to the other. No plant alone that contain all mineral elements in efficiently for human beings from the earth. Deficiency of mineral is also called as ‘Hidden hunger’, results in poor growth and compromised psychomotor development of children, reduced immunity, exhausted, fatigue, irritability, weakness, hair loss, wasting of muscles, sterility, morbidity and demise (Stein, 2010). Conventional breeding and genetic engineering techniques are the two approaches that may...

Madhya Pradesh an emerging state in the production of horticulture crops especially potato  मध्यप्रदेश में कृषि वृद्धि 2005-06 से 2014-15 के लम्बे दशक के दौरान लगभग 9.7% प्रतिवर्ष रही जो कि दस वर्ष की अवधि के दौरान भारत के किसी बडे राज्य की कृषि में उच्चतम वृद्धि दर थी। विगत पांच वर्ष अत्यधिक महत्वपूर्ण रहे हैं जिसके दौरान कृषि सकल घरेलू उत्पाद में 14.2% प्रतिवर्ष की वृद्धि हुई। भारत में वर्ष 2017-18 में उद्यानिकी फसलों का कुल उत्पादन 311.71 मिलियन मैट्र्कि टन था एवं मध्यप्रदेश में 26.53 मिलियन मैट्र्कि टन रहा जो कि कुल भारतीय उत्पादन का 8.51% था। वर्ष 2013-14 से 2015-16 तक भारत के कुल उद्यानिकी उत्पाद में 3.09% की...

अजौला: दुधारु पशुओ के लिए एक पौष्टिक आहार  भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि‍ व्यवसाय के सहायक उद्यम के रूप में पशुपालन की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रायः मानसून के अलावा पशुओं को फसल अवशेषों, सूखे चारें आदि खिलाया जाते है। पौष्टिक चारें के अभाव में पशुओं के विकास, उत्पादन तथा प्रजनन क्षमता में कमी आती है जिससे पशुपालक की आय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस समस्या से उभरने के लिए पशुपालको द्वारा अजौला उगाकर पशुओं को पौष्टिक चारा खिलाया जा सकता है। क्या है अजौला : अजौला एक जलीय फर्न है जो छोटे-छोटे समूह के रूप में सघन हरित गुच्छे की तरह जल की सतह पर मुक्त रूप से तैरती रहती हैं। भारत...

Guava: Enriched Source of Antioxidants अमरुद सबसे लोकप्रिय उष्णकटिबंधीय फल हैं, जिन्हें दुनिया भर में उगाया जाता है। अमरुद को ‘’उष्णकटिबंधीय का सेब’’ भी कहा जाता है, क्योंकि इसका उत्कृष्ट पाचन और पोषक तत्व, उच्च स्वाद और मध्यम मूल्य पर प्रचुर मात्रा में उपलब्धता है, अधिक सहिष्णु होने के कारण इसकी सफल खेती अनेक प्रकार की मिट्टी तथा जलवायु में की जा सकती है। जाड़े की ऋतु मे यह इतना अधिक तथा सस्ता प्राप्त होता है कि लोग इसे निर्धन जनता का एक प्रमुख फल कहते हैं। अमरूद मीठा और स्वादिष्ट फल होने के साथ-साथ कई औषधीय गुणों से भरा हुआ है। फल विटामिन-सी, पेक्टिन और कैल्शियम, फास्फोरस और लोहे जैसे खनिजों...

Apiculture : Better way for increasing income in rural areas शहद और इसके उत्पादों की बढती मांग के कारण मधुमक्खी पालन एक लाभदायक एवं आकर्षक व्यवसाय बनता जा रहा है। इसमे कम समय, कम लागत व कम पूंजी निवेश की जरूरत होती है। मधुमक्खी पालन फसलों के परागण में सहायक होकर फसलों की उत्पादकता में भी वृद्धि करता है। मधुमक्खी पालन व्यवसाय शुरू करने से पहले कम से कम एक वर्ष का योजना प्रारूप तैयार करना चाहिए।   मधुमक्खी पालन व्यवसाय में आवश्यक सामग्री : लकड़ी का बॉक्स, बॉक्स फ्रेम, जालीदार कवर, दस्तानें, चाकू, शहद रिमूविंग मशीन और ड्रम इत्यादि। मधुमक्खियों का आवास : मधुमक्खियों का घर यानि मधुमक्षिकागृह एक लकड़ी का बना बॉक्स/संदूक होता...

Grow vegetables and fourfold the beauty of the house हम रोज अपनी रसोई में फल और सब्जियां काटते समय उन के बीजों या सिरों को काट कर कूड़ेदान में फेंक देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन से आप सुंदर पौधे उगा कर घर का सौंदर्य भी बढ़ा सकती हैं? अगर नहीं तो हम आप को बता रहे हैं कि कैसे फलों व सब्जियों के बीजों और सिरों को उगा कर घर के सौंदर्य में चार चांद लगा सकतें हैं: गाजर:  जब आप गाजर काटें तो उन के सिरों को फेंकें नहीं, बल्कि गमले में अच्छी खाद मिली मिट्टी भर कर उस में गाड़ दें. फिर पानी दे दें. कुछ ही दिनों...

कि‍न्‍नू फल उत्पादन का अर्थशास्त्र Kinnow Fruit Fruits play an important role in the agricultural economy of India. Fruits are rich source of vitamins and have very high nutritional value. Indian Council of Medical Research (ICMR) has recommended that a balance diet should contain 85 gm of fruits per capita per day, but the availability of fruits per capita in India is only 48 gm per day as compared to 276 gm in U.K., 180 gm in Australia and 131 gm in Philippines. Citrus occupies a place of importance in the fruit wealth and economy of the country. Demand for citrus fruits and their products have increased and it is likely to go...