Animal husbandry

Gel Feed: An Innovative Approach for Ornamental Fish जैल फ़ीड विस्कोइलास्टिक पदार्थ होते हैं। और कई जैल फ़ीड का उत्पाद दुनिया भर में निर्मित होते हैं। एक जैल फ़ीड ठोस और तरल के बीच मध्यवर्ती पदार्थ का एक रूप है। और यांत्रिक कठोरता प्रदर्शित करता है।  जैल एक तरल चरण को घेरने वाली एक फर्म त्रि-आयामी संरचना से बने कोलाइड का एक रूप है। जब एक जैल (ठोस) पदार्थ से एक सोल (तरल) के रूप में परिवर्तन होता है तब जैल उत्पन्न होते हैं। ये बहुलक अणुओं से मिलकर बने होते हैं जो आपस में उलझे हुए और आणविक नेटवर्क क्रॉस-लिंक से परस्पर जुड़े हुए होते हैं। जैल फ़ीड एक पदानुक्रमित संरचना...

जलीय कृषि में स्वदेशी तकनीकी ज्ञान की भूमिका The Indigenous technological (ITK) in aquaculture predominantly related to farm inputs has been developed by the farmers themselves, based on their experiences. Farmer’s innovation is based on their indigenous knowledge. The indigenous knowledge is the accumulated knowledge, skills and technology of the local farmer derived from the interaction of the ecosystem. The knowledge has been inherited from generation to generation. This radically changes the use of fertilizers and devised some unique right-hand thumb rule for disease diagnosis and treatment without the costly antibiotics and chemotherapeutic agents which is mostly useful for middle fish farmers. 1. Garlic and Fenugreek- As a fish attractant - Some farmers...

 पोल्ट्री फीड के लिए वैकल्पिक प्रोटीन The poultry sector has experienced difficult times during the last two years because of poor feed ingredient availability and the increasing price of protein sources, a major concern nowadays and which has been further compounded by the COVID-19 pandemic. The cost of poultry feed is a major limitation, with protein sources being the most expensive ingredient added in feed formulations representing over 50% of the total production cost. The sector recently started going towards new alternative protein sources as well as sustainable sources of energy. 25-40% of the feed is based on protein sources while 50-65% is based on energy in poultry feed and it's high time...

भेड़ के दूध का महत्व और भेड़ किसानों के आर्थिक उत्थान में इसकी भूमिका Milk has been a part of human nutrition since time immemorial. It is the first food for all mammals after birth. Milk is labeled with age old adage like complete food, super food, nutrient enriched food, first food etc. About 10,000 years ago, people hardly drink milk of animals, they first domesticated the animals for their meat, but slowly early farmers and pastoralists start taking milk as a food and at present day milk becomes the most abundant food enjoyed worldwide by each and every section of society. Milk for human consumption usually obtained from cow, buffalo, sheep,...

दुधारू पशुओं में टीकाकरण का महत्व  भारतीय किसान सह-व्यवसाय के तौर पर  मुख्यतः पशुपालन पर निर्भर रहता है। पशुधन से स्वच्छ दुग्ध उत्पादन हेतु उसे विभिन्न संक्रामक रोगों से बचाना आवश्यक है।  संक्रामक रोगों की चपेट मे आने से पशुओं के दुग्ध उत्पादन मे कमी होना, गर्भपात, फुराव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है और अगर समय रहते इलाज ना किया जाये तो पीड़ित पशु की मृत्यु भी हो सकती  है। संक्रामक रोगों से बचाव के लिए पशुओं  का टीकाकरण एकमात्र प्रभावी उपाय है जो कि पशुओं की रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर उनकी संक्रामक रोगों से रक्षा करता है।  मुँहपका खुरपका रोग - यह एक विषाणुजनित रोग है, जो गाय, भैंस,...

Increasing Incidence of Tick transmitted Diseases In Eastern Region of India पूर्वी भारत में पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, बिहार एवं झारखंड राज्य शामिल हैं । इन सभी राज्यों में कृषि और उससे संबंधित क्षेत्र, आजीवि‍का का एक महत्वपूर्ण माध्यम है । इन राज्यों में पशुपालन का भी बहुत महत्व है। किलनी तथा मच्छर-मक्खी को सक्रिय रहने एवम् बीमारियों के प्रसार के लिए कम से कम 85% आर्द्रता तथा 7°C  से अधिक तापमान वाले जलवायु के इलाकों की आवश्यकता होती है। पूर्वी भारत एक उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु वाला क्षेत्र है जिसके कारण यहां किलनी से प्रसारित बीमारियों का मवेशियों में प्रकोप बढ़ता जा रहा है। पूर्वी भारत की  बनस्पतियाँ (नम पर्णपाती वन) भी इन सन्धिपाद की वृद्धि...

Pig rearing why and how? वर्तमान में शूकर पालन पशुधन उद्यमियों के लिए एक उभरता हुआ लाभदायक विकल्प है। व्यावसायिक शूकर पालन को बढ़ावा देने के लिए , विद्यार्थियों, पशु-चिकित्सकों, विभिन्न विकास संगठनों और उद्यमियों को वैज्ञानिक ज्ञान एवं कौशल प्रदान  करना है शूकर की नस्लें, उनके आवास, आहार, प्रजनन, रख-रखाव और स्वास्थ्य प्रबन्धन की महत्वपूर्ण जानकारी  एवं शूकर पालन प्रोजेक्ट के बारे में आर्थिक विश्लेषण एवं मूल्यांकन की जानकारी भी प्राप्त करना महत्वपूर्ण है शूकर पालन कम कीमत पर , कम समय में अधिक आय देने वाला व्यवसाय साबित हो सकता हैं, शूकर एक ऐसा पशु है, जिसे पालना आय की दृष्टि से बहुत लाभदायक हैं| इस पशु को पालने का लाभ...

सि‍ंधाडे का पोषण मूल्‍य तथा आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र में सिंघाड़े की खेती Water Chestnut (Trapa bispinosa Roxb.) is one of the most important aquatic nut crop grown in wetland ecosystem. Water Chestnut, Commonly known as Singhara or Panipha, is one of the few neglected but economically important aquatic crops of tropical and sub-tropical origin. It is a floating aquatic plant that grown in marshes, shallow lakes, railway track side depression and highway side depressions. It belongs to the family Lythraceae or Trapaceae and has three different species like T. bispinosa, T. natans and T. quadrispinosa or T. bicornis. In India, Water Chestnut is mainly cultivated in Bihar, Assam, West Bengal, M.P. and lower parts of...